टैक्स गुरुः सोशल मीडिया में शो-ऑफ, पड़ेगा जेब पर भारी -
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टैक्स गुरुः सोशल मीडिया में शो-ऑफ, पड़ेगा जेब पर भारी

प्रकाशित Sat, 16, 2017 पर 13:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह।


फेसबुक और इंस्टाग्राम में शो- ऑफ करना आपको मंहगा पड़ सकता है। शरद कोहली का कहना है कि आईटी विभाग की सोशल मीडिया पर नजर है। मंहगी गाड़ियां या घर के साथ फोटो पर नजर रखा जा रहा है। इतना ही नहीं मंहगी शादी, विदेशों में छुट्टी की फोटो आईटी विभाग के रडार पर है। सेक्शन 133 ए के तहत आईटी विभाग को सर्वे की इजाजत दी गई है। आपसे सेक्शऩ 133ए(5) के तहत खर्चे की जानकारी मांगी जा सकती है। ध्यान रहें आपके ब्यौरे की जानकारी टैक्स प्रोफाइल से मिलनी चाहिए। झूठे दिखावे की वजह से भी फंस सकते है।


सवालः पिता को 1995 में गिफ्ट के तौर पर खेती की जमीन मिली थी जो रजिस्टर्ड है। पिता के देहांत के बाद मां जमीन की देखभाल कर रही है। मां सीनिर सिटीजन है और उनको 1,80,000 की सालाना पेंशन मिलती है, अगर खेती की जमीन बेचते हैं तो क्या मां पर टैक्स की देनदारी बनती है?


शरद कोहलीः सेक्शन 2(14) के तहत एग्रीकल्चर लैंड कैपिटल एसेट नहीं होता है। खेती की जमीन बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि एग्रीकल्चर लैंड पर कुछ शर्तें रखी गई है। आयकर नियमों के तहत म्युनिसिपल लिमिट तय करेगा।


10,000 से 1 लाख तक की आबादी से 2 किमी.बाहर जमीन होनी चाहिए। 1 से 10 लाख तक की आबादी से 6 किमी. बाहर जमीन होनी चाहिए जबकि 10 लाख से ज्यादा आबादी होने पर 8 किमी. बाहर जमीन होनी चाहिए। कैपिटल गेन की स्थित में भी फायदा मिलेगा। सेक्शन 54ईसी के तहत सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करें। 6 महीने के भीतर 50 लाख रुपये तक का निवेश करना होगा।