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टैक्स गुरुः दिवाली के तोहफों पर समझें टैक्स की देनदारी

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Oct 12, 2017 पर 13:47  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर।


रोशनी का त्यौहार यानि दिवाली भी दस्तक दे रहा है। इस रोशनी का उजाला टैक्स की लाइब्लिटी के वजह से फीकी ना हो इसलिए टैक्स गुरु इस दिवाली टैक्स गुरु आपके लिए टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल की राय।


दिवाली का तोहफा और टैक्स छूट
टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल का कहना है कि दिवाली के तोहफे पर आईटी के नियम के तहत टैक्स लगता है। लेकिन त्योहार पर 5 हजार रुपये तक के गिफ्ट पर टैक्स छूट मिलती है। अगर 5000 रुपये के ऊपर तोहफा मिला तो उसपर टैक्स देना होगा। साथ ही जन्मदिन और दूसरे त्योहार पर भी ये नियम लागू किए गए है।


दिवाली पूजा और तोहफों का खर्च


मुकेश पटेल के मुताबिक अक्टूबर 1968 में सीबीडीटी मे सर्कुलर जारी किया था। जिसमें दिवाली पूजा का खर्च व्यापार खर्च माना जाएगा। दूसरे खर्चों की तरह ही इसमें टैक्स छूट मिलेगी। तोहफे देना बिजनेस प्रोमोशन माना जाएगा। मिठाई से लेकर ज्वैलरी तक के सामानों पर टैक्स छूट का फायदा मिल सकेगा। यह छूट सेक्शन 37(1) के तहत छूट मिलेगी। हालांकि निजी खर्च या कैपिटल एक्सपेंडेचर नहीं होना चाहिए। लेकिन इस छूट का फायदा उठाने के लिए आपके पास उन तोहफे का रिकॉर्ड ऱखना जरुरी है।