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टैक्स गुरुः नए आईटीआर फॉर्म में क्या होगा नया!

प्रकाशित Thu, 18, 2019 पर 11:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल।


नए आईटीआर फॉर्म में अब ज्यादा जानकारी देनी होगी। आईटीआर फॉर्म में क्या है नई जानकारी उसपर बात करते हुए मार्केट एक्सपर्ट मुकेश पटेल का कहना है कि इस बार आईटीआर फॉर्म में ज्यादा जानकारी मांगी गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि 99.54 फीसदी रिटर्न की स्क्रूटनी नहीं होती है। सरकार की टैक्सपेयर से उम्मीदें है कि आईटीआर फॉर्म में टैक्सपेयर गलत जानकारी ना दें। इसलिए इस बार आईटीआर फॉर्म में सैलरी के साथ एग्जम्प्ट अलाउंस की जानकारी देनी होगी। ग्रॉस सैलरी के साथ सभी अलाउंस को अलग से दिखाना होगा।


इस बार अलाउंस पर मिलने वाली छूट की भी जानकारी देनी होगी। साथ ही कुल सैलरी की टैक्सेबल आय बतानी होगी। इप्लॉयर के टेन नंबर की जानकारी देनी होगी। प्रॉपर्टी से होने वाली आय के बारे में विस्तार से बताना होगा। किराए दार का पेन और टेन नंबर साझा करना होगा। किराएदार- मकान मालिक के आईटीआर में भरी जानकारी का मिलान होगा।


इधर व्यापारियों को जीएसटीआईएन और कुल बिक्री की जानकारी देनी होगी। जीएसटी विभाग के पास सभी का रिकॉडर्स मौजूद है। बिजनेस में उधार न चुकाने वाले का पेन नंबर, नाम और पते की जानकारी देनी होगी।


आईटीआर-I फॉर्म में अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है जैसे बैंक, एफडी, अन्य ब्याज आय की जानकारी अलग से देनी होगी। आईटी विभाग टैक्सपेयर के दिए हर आंकडे का मिलन करेगी