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टैक्स गुरुः बजट के बाद कहां गिरी टैक्स की गाज

अगर आप एनपीएस या ईपीएफ में निवेश करें तो 40 फीसदी टैक्स फ्री और 60 फीसदी टैक्सेबल हो जाएगा।
अपडेटेड Mar 05, 2016 पर 14:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस बार के बजट ने टैक्स तो नहीं घटाया लेकिन नई टैक्स की देनदारी जरुर बढ़ा दी है। और नए डिडक्शन भी लेकर आया है। तो समझते है बजट के बाद कितना बदला है आपका टैक्स और बजट के नए प्रस्ताओं के बाद आप कहां कर सकते हैं टैक्स की बचत और फाइनेंशियल प्लानिंग की स्ट्रैटेजी में आपको किन बातों का रखना होगा ध्यान आइए जानते है क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीती खुराना और फाइनेंशियल प्लानर हर्षवर्धन रुंगटा से।   


क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीती खुराना का कहना है कि ईपीएफ पहले बिल्कुल टैक्स फ्री था, अगर 5 साल लगातार आपकी सर्विस होती है तो पहले वो बिल्कुल टैक्स फ्री था। लेकिन अब सरकार ने एनपीएस और ईपीएफ एक समान कर दिया है। अब अगर आप एनपीएस या ईपीएफ में निवेश करें तो 40 फीसदी टैक्स फ्री और 60 फीसदी टैक्सेबल हो जाएगा। जो लोग प्रति माह 15,000 रु या उससे कम कमाते है तो उनके लिए कोई समस्या नहीं है।  


अगर 60 फीसदी बैलेंस एन्युटी में लगते है तो कोई टैक्स नहीं है, मगर ये ध्यान रखें कि एन्युटी जैसै-जैसे आपको मिलेगी तो वो उस हिसाब से टैक्सेबल होगी। इन बदलावों के बाद एनपीएस में निवेश ईपीएफ से बेहतर होगा। क्योंकि ईपीएफ निवेशकों के लिए जटिलताएं बढ़ी है। ईपीएफ में नए निवेश के बाद 40 फीसदी रकम पर ही टैक्स छूट मिल सकती है। सरकार चाहती है कि लोग रिटायमेंट पर एकमुश्त रकम ना निकाले और रिटायमेंट के बाद लोगों की पेंशन इनकम बनी रहें।


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