बजट में बदला नियम, अब रिटर्न मिसमैच की नो टेंशन -
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बजट में बदला नियम, अब रिटर्न मिसमैच की नो टेंशन

प्रकाशित Thu, 15, 2018 पर 14:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह।


बजट में सभी टैक्सपेयर्स की उम्मीदें थी स्टैडर्ड डिडिक्शन को लेकर लेकिन टैक्सपेयर्स इसे जिस रुप में चाहता था ऐसा तो नहीं मिला हां लेकिन मिल जरुर रहा है। हालांकि इस बार के बजट में सहुलियत का काम हो रहा है। इस बार बजट में नया नियम आया है जो एक ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए इनाम है। इस नियम के तहत टैक्सपेयर्स के रिटर्न और फॉर्म 26एएस में किसी तरह का मिसमैच होता है तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं है।


शरद कोहली के कहना है कि सरकार ने सेक्शन 143(1)(A)(vi) में बदलाव करते हुए रिटर्न और 26एएस में अलग-अलग जानकारी पर भी दिक्कत नहीं है। जिसके बाद टैक्सपेयर्स के पास इनकम टैक्स विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं आएगा। हालांकि जानबूझकर गलत जानकारी देने पर जुर्माना भी लगेगा।


सवालः क्या 31 मार्च 2018 से पहले इक्विटी म्युचुअल फंड से पैसे निकालन पर या दूसरे फंड में स्विच पर एलटीसीजी टैक्स लगेगा?


शरद कोहलीः एलटीसीजी टैक्स का नया प्रावधान 1 अप्रैल 2018 के बाद  लागू होगा। ट्रांजैक्शन एलटीसीजी पर 1 अप्रैल 2018 के बाद लगेगा। 31 मार्च 2018 से पहले से म्युचुअल फंड से निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा।


सवालः क्या पीएम व्यय वंदना योजना 50,000 रुपये की टैक्स फ्री लिमिट के अंतर्गत आएगी और मेडिक्लेम प्रीमियम पर 30000 रुपये और बाकी बचे 20,000 रुपये का क्लेम क्या मेडिकल खर्चों के एवज में लिया जा सकता है?


शरद कोहलीः पीएम व्यय वंदना योजना के तहत अभी छूट नहीं है। मेडिकल खर्चों की सीमा बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई है। हेल्थ चेकअप की सीमा 5000 रुपये बरकरार रखी है।