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टैक्स गुरुः पाएं टैक्स की हर मुश्किल का हल

टैक्स से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब लेकर हाजिर है टैक्स गुरु।
अपडेटेड Jul 08, 2017 पर 18:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब लेकर हाजिर है टैक्स गुरु। हम आपके लिए टैक्स को बनाते है आसान ताकि आपकी टैक्स प्लानिंग बने बिल्कुल परफेक्ट। साथ ही लाते है आपके लिए हर छोटे बड़े नियमों का ब्यौरा। और आज टैक्स से जुड़ी आपकी हर मुश्किल को आसान करने के लिए जुड़े है टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।
   
जीएसटी और इनकम टैक्स पर बात करते हुए शरद कोहली ने कहा कि जीएसटी के बाद व्यापारियों को थोड़ा ध्यान रखना चाहिए और अब कच्ची रसीदों का चलन बंद कर देना चाहिए। जीएसटी से सप्लाई चेन की पूरी जानकारी मिलती है। इसलिए सभी कारोबारियों को अपनी पूरी इनकम दिखानी चाहिए। शरद कोहली का कहना है कि पहले कपनियां सेवरेंस पैकेज पर टैक्स काट लेती थी। लेकिन अब दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक सेवरेंस पैकेज कर्मचारी को नुकसान के मुआवजे के तौर पर देना होगा।


दिल्ली हाईकोर्ट के मुताबिक सेवेरेंस पैकेज कैपिटल रिसीट माना जाएगा और ये टैक्सेबल नहीं होगा। सेवरेंस और रिट्रेंचमेंट के बीच मामूली सा अंतर है। रिट्रेंचमेंट पैकेज पर एक फॉर्मूले के हिसाब से टैक्स छूट मिलती है। रिट्रेंचमेंट पैकेज पर अधिकतम 5 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है। एंप्लॉयर पर निर्भर होता है कि वो छंटनी को सेवरेंस कहता है या रिट्रेंचमेंट।