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अनजान से मिले गिफ्ट पर समझें टैक्स की देनदारी

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Mar 02, 2019 पर 16:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


शरद कोहली का कहना है कि अनजान शख्स से 50000 रुपये से ऊपर का गिफ्ट टैक्स के दायरे में मां-बाप, पति- पत्नी, भाई- भाभी, बहन-नंद से गिफ्ट पर टैक्स नहीं देना होता। अनजान शख्स से 50000 रुपये से ऊपर का गिफ्ट टैक्स के दायरे में आएगा। साथ ही उन्होंने आग बताया कि लाइलाज बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को गिफ्ट देने पर टैक्स नहीं होता। बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति कितनी भी राशि गिफ्ट के तौर पर दी जा सकती है लेकिन डॉक्टर का सर्टिफिकेट होना जरुरी है। तबीयत बेहतर होने पर गिफ्ट पर टैक्स चुकाना होगा।


सवालः अगर कोई बुजुर्ग अपने गैर शक्स को रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्रॉपर्टी गिफ्ट करता है तो क्या गिफ्ट पाने वाले को टैक्स छूट मिलेगी?


शरद कोहलीः लाइलाज बीमारी न होने पर टैक्स चुकाना होगा। नियम के तहत सिर्फ बुजुर्ग होना मान्य नहीं। डॉक्टर से मिले सर्टिफिकेट के बाद टैक्स छूट मिलेगी। रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्रॉपर्टी गिफ्ट में दे सकते है।