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टैक्स गुरुः ब्याज मुक्त कर्ज पर समझें टैक्स की देनदारी

प्रकाशित Sat, 20, 2018 पर 15:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल।


आज हम सबसे पहले समझने वाले हैं कि अगर आपके रिश्तेदार या दोस्त आपको ब्याज मुक्त लोन देगें, लेकिन इसमें टैक्स के लिहाज से क्या करना चाहिए ऐसे में ब्याज मुक्त कर्ज पर लेन-देन को समझाते हुए मुकेश पटेल का कहना है कि किसी को भी ब्याज मुक्त कर्ज दिया जा सकता है और इसपर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन अगर 20000 रुपये से अधिक की राशि आप किसी को दे रहे है तो उस राशि को चेक के जरिए दें। नकद के तौर पर ब्याज मुक्त लोन नहीं देना चाहिए।


मुकेश पटेल के मुताबिक कर्ज की राशि को काल्पनिक आय माना जाएगा। देश के कई राज्यों के हाईकोर्ट का फैसला स्पष्ट है कि पूंजी किसको और कैसे देनी है, ये व्यक्तिगत अधिकार है। अगर 50000 रुपये से ज्यादा की धन राशि कर्ज जानकार को गिफ्ट के तौर पर देने पर भी टैक्स नहीं लगेगा। वहीं एम्प्लॉयर अपने कर्मचारी को ब्याज मुक्त कर्ज दे सकता है। 20000 रुपये तक की राशि नकद में दी जा सकती है, 20000 रुपये से ज्यादा की राशि को भत्ता माना जाएगा। इनकम टैक्स के सेक्शन 3 के तहत प्रावधान है। एसबीआई के होम और एजुकेशन लोन की दर के तहत कर्ज माना जाएगा। एम्प्लॉयर के बीमारी के इलाज के लिए कर्ज लेने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।