यूलिप में निवेश का गणित, टैक्स बचाने के लिए कितना सहीं -
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यूलिप में निवेश का गणित, टैक्स बचाने के लिए कितना सहीं

प्रकाशित Tue, 23, 2018 पर 18:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपने टैक्स प्लानिंग शुरू कर दी होगी और साथ ही टैक्स बचत के लिए अलग-अलग निवेश विकल्प भी तलाश रहे होंगे। यहीं, हम से कई, टैक्स बचत के लिए इंश्योरेंस में निवेश करते हैं। यानि टैक्स बचाने के लिए युलिप में निवेश का रास्ता अपनाते हैं। युलिप यानि यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान। इसमें निवेश के नफे-नुकसान क्या हैं ये सब समझाने के लिए हमारे साथ हैं ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के पंकज मठपाल।


पंकज मठपाल का कहना है कि यूलिप यानि यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान। यूलिप में इंश्योरेंस और निवेश एक साथ होता है। यूलिप में प्रीमियम का कुछ हिस्सा इंश्योरेंस के लिए कटता है, जबकि प्रीमियम का बाकी हिस्सा निवेश होता है। यूलिप के तहत इक्विटी, डेट और बैलेंस फंड में निवेश का विकल्प दिया जाता है। यूलिप  में फंड्स चुनने का विकल्प होता है। यूलिप में कई चार्ज होने की वजह से आलोचना होती है। हालांकि कम चार्ज वाले यूलिप प्लान भी हैं।


वहीं टैक्स छूट के लिए ईएलएसएस सबसे अच्छा विकल्प है। ईएलएसएस के जरिए बचत के साथ इक्विटी में निवेश का विकल्प मिलता है। जोखिम लेने वालों के लिए ईएलएसएस अच्छा विकल्प है। ईएलएसएस में लिक्विडिटी और पारदर्शिता होती है। पिछले 3 साल में ईलएसएस के रिटर्न 17.8 फीसदी के आसपास रहे हैं। ईएलएसएस में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है। ईएलएसएस में सबसे कम लॉक इन पीरियड होता है। टॉप ईएलएसएस फंड में डीएसपी ब्लैकरॉक टैक्स सेवर, प्रिंसिपल टैक्स सेविंग फंड, एचडीएफसी लॉन्ग टर्म एडवांटेज फंड, कोटक टैक्स सेवर स्कीम और एलएंडटी टैक्स एडवांटेज फंड शामिल हैं।


कम चार्ज वाले यूलिप प्लान की बात करें तो एचडीएफसी क्लिक टू इन्वेस्ट और एडेलवाइस टोकयो वेल्थ प्लस शामिल है।


जानकारों का कहना है कि यूलिप के मुकाबले ईएलएसएस में रिटर्न ज्यादा मुमकिन है। साथ ही ईएलएसएस में ज्यादा लिक्विडिटी और पारदर्शिता होती है। वहीं यूलिप में 5 साल का लॉक इन पीरियड है, लेकिन ईएलएसएस में 3 साल का ही लॉक इन पीरियड होता है। यूलिप में निवेश ज्यादा खर्चीला होता है। यूलिप का इंश्योरेंस टर्म प्लान के मुकाबले महंगा होता है।