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Covid-19 के कारण LTC क्लेम नहीं कर पाए तो इन तरीकों से बचा सकते हैं टैक्स

कोरोनावायरस महामारी के कारण कई एंप्लॉयी LTC का बेनेफिट नहीं ले पाए, ऐसे में कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने एक स्कीम का ऐलान किया है जिसमें LTC भत्ता पाने वाले कर्मचारी चार साल के ब्लॉक ईयर 2018-21 के लिए तय खर्च पर बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं
अपडेटेड Feb 09, 2021 पर 13:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अभिषेक अनेजा


कई एंप्लॉयीज को अपनी कंपनी से लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) की सुविधा मिलती है। यह उनके सैलरी बेनेफिट का एक हिस्सा होता है। मौजूदा LTC स्कीम के मुताबिक, एंप्लॉयी अपने परिवार के साथ 4 कैलेंडर ईयर में दो बार भारत में कहीं भी घूमकर एयर, रेल या बस किराये के तौर पर खर्च होने वाली रकम पर टैक्स बचा सकता है। यह टैक्स छूट
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(5) के तहत मिलती है।


हालांकि, कोरोनावायरस महामारी के कारण कई एंप्लॉयी LTC का बेनेफिट नहीं ले पाए। ऐसे में कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने एक स्कीम का ऐलान किया है जिसमें LTC भत्ता पाने वाले कर्मचारी चार साल के ब्लॉक ईयर 2018-21 के लिए तय खर्च पर बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं। इसे फाइनेंस बिल 2021 से लागू कर दिया गया है।


इस हिसाब से अगर नीचे दी गई शर्तें पूरी हो रही हैं तो आप बेनेफिट क्लेम कर सकते हैं


1.    यह छूट केवल उन कर्मचारियों के लिए जिनकी सैलरी में एक हिस्सा LTC का है।


2.    यह छूट ब्लॉक ईयर 2018-21 के लिए उपलब्ध होगा और जो लोग ब्लॉक ईयर 2018-21 के दौरान दो यात्राओं के लिए LTC के बेनेफिट का इस्तेमाल कर चुके हैं उनके लिए यह लागू नहीं होगा।


3. कर्मचारी अपने या अपने परिवार के लिए LTC की रकम से कोई गुड्स या सर्विसेज खरीद सकता है। इस पर उसे टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।


4. LTC की रकम ऐसे गुड्स या सर्विसेज पर खर्च करने पर टैक्स छूट मिलेगी जिनपर GST 12 फीसदी या उससे ज्यादा लगती हो। यानी ये गुड्स या सेवाएं GST में रजिस्टर्ड वेंडरों के यहां से ही खरीदा गया होना चाहिए।


5.    इसके साथ ही इसकी GST इनवॉयस होना जरूरी है। इसका मतलब है कि टैक्स इनवॉयस में साफ तौर पर GST का ब्योरा दर्ज होना चाहिए।


6.    यह भी जरूरी है कि पेमेंट बैंक से निकाले जाने वाले अकाउंट पेयी चेक या अकाउंट पेयी बैंक ड्राफ्ट या NEFT, RTGS, UPI, क्रेडिट या डेबिट कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम से होना चाहिए। इनका जिक्र इनकम टैक्स के नियम 6ABBA में किया गया है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह छूट ऐसे खर्च पर उललब्ध नहीं होगा जिसमें कैश दिया गया हो या ऐसे चेक या बैंक ड्राफ्ट के जरिए किया गया होगा जो कि अकाउंट पेयी चेक या ड्राफ्ट न हो। ऐसे में इस मामले में पेमेंट का प्रमाण रखना जरूरी है।


7.    बेनेफिट केवल 31 मार्च 2021 तक किए गए खर्च पर ही उपलब्ध होगा। उसके बाद के खर्च पर यह लागू नहीं होगा।


8.    छूट की रकम


यह छूट इनमें से जो सबसे कम हो उस पर मिलेगा


तयशुदा खर्च का एक-तिहाई


या 36,000 रुपये प्रति शख्स


इस तरह के कई सामान या सेवाएं हैं जो कि 12 फीसदी या उससे ज्यादा जीएसटी टैक्स के दायरे में आती हैं। इन पर बेनेफिट को लिया जा सकता है। इनमें कई रोजाना की वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक आती हैं, इसके अलावा बीमा जैसी सर्विसेज भी इसमें शामिल हैं। हालांकि, एग्जेंप्शन क्लेम करने के लिए ऊपर दी गई शर्तों को एंप्लॉयी को पूरा करना होगा।


(लेखक CA हैं)


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