Moneycontrol » समाचार » टैक्स

क्या हैं E-Filing Lite, Pre-Filled फॉर्म भरने के लिए किन बातों का रखें ध्यान

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Aug 17, 2019 पर 13:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।


इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। हमारे साथ मौजूद हैं टैक्स एक्सपर्ट गौरी चढ्डा।


क्या हैं E-Filing Lite


E-Filing Lite एक अलग पोर्टल है। पैन नंबर और पासवर्ड के जरिए लॉग इन कर सकते हैं। इनकम टैक्स फाइलिंग से जुड़े विकल्प मौजूद है। फॉर्म 26AS जैसे फॉर्म अपलोड किए जा सकते है। पोर्टल के जरिए रिटर्न भरने में आसानी होगी।


Pre-Filled फॉर्म, इन बातों का दें ध्यान


ITR-I फॉर्म Pre-Filled आ रहे है। Pre-Filled से फॉर्म 16 की जानकारी मिसमैच हो सकती है। कुछ आय की जानकारिययां सरकार के पास नहीं है। अन्य स्त्रोत से आय, बचत आय की जानकारी Pre-Filled नहीं होती है। क्लबिंग नियम की जानकारी खुद भरनी होगी। जिस आय पर TDS नहीं कटा है उसकी जानकारी Pre-Filled नहीं होगी। प्रॉपर्टी से आय या कैपिटल गेन की जानकारी भी नहीं होती है। एम्प्लॉयर को नहीं दी गई डिडक्शन की जानकारी नहीं होगी। CBDT ने सर्कुलर जारी है। सर्कुलर के तहत Pre-Filled रिटर्न सिर्फ सहूलियत के लिए है। Pre-Filled रिटर्न को चेक करना और सही जानकारी भरने के बाद रिटर्न फाइल करना होगा।


क्या है प्रिजम्प्टिव टैक्स और कौन होता हैं शामिल


सेक्शन 44AD और 44ADA के तहत रिटर्न भरते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। सेक्शन 44AD सिर्फ बिजनेसमैन के लिए होता है। कमीशन, ब्रोकरेज या एजेंसी बिजनेस से आय वाले सेक्शन सेक्शन 44AD के दायरे में नहीं आते हैं। सालाना टर्ऩओवर 2 करोड़ रुपये से कम होना चाहिए। सही आय की जानकारी न देने पर टैक्स चोरी मानी जाएगी। लगातार 5 साल तक रिटर्न सेक्शन 44AD के तहत बुक्स ऑफ अकाउंट्स मेंटेन नहीं करनी है। बैंक प्रिजम्प्टिव आय के तहत भरे रिटर्न पर लोन नहीं देते है।


सेक्शन 44ADA सिर्फ प्रोफएशनल्स के लिए होता है। डॉक्टर, वकील, सीए जैसे प्रोफेशनल इस दायरे में आएंगे। ग्रॉस रिसीप्ट्स 50 लाख से कम होनी चाहिए। 50% से कम आय दिखाने पर ऑडिट करना होगा।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।