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Income Tax रिटर्न की डेडलाइन मिस कर दी तो जानिए क्या होगा?

देर से रिटर्न फाइल करने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है, जानिए कितना देना होगा जुर्माना
अपडेटेड Jul 17, 2019 पर 11:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आपने 31 जुलाई 2019 तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं तो भी आपके पास एक मौका रहता है। यानी आपके पास कुछ समय और होता है जब आप रिटर्न फाइल करके पेनाल्टी से बच सके।


फिस्कल ईयर 2018-19 के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2020 है। अगर आपने इस तारीख तक भी रिटर्न फाइल नहीं किया तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिल सकता है। वैसे तो आप 31 मार्च 2020 तक रिटर्न फाइल कर सकते हैं लेकिन आपको रिटर्न फाइल करने में देर नहीं करना चाहिए। अगर आप 31 जुलाई 2019 के बाद और 31 मार्च 2020 से पहले रिटर्न फाइल करते हैं तो आप पर पेनाल्टी भी लग सकती है।


देर से रिटर्न फाइल करने पर लगेगी पेनाल्टी


2017 के बजट में फाइनेंस मिनिस्ट्री अरुण जेटली ने देर से रिटर्न फाइल करने पर पेनाल्टी लगाने का फैसला किया था। यह पेनाल्टी फिस्कल ईय़र 2017-18 से लागू है। इससे पहले यह असेसिंग ऑफिसर के ऊपर था कि वह पेनाल्टी लगाना चाहता है या नहीं।


इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 234F शामिल होने के बाद लेट फाइन अनिवार्य हो गया है।
31 जुलाई 2019 के बाद से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक अगर आप रिटर्न फाइल करते हैं तो 5,000 रुपए लेट फाइन लग सकता है।


अगर आप 1 जनवरी 2020 से लेकर 31 मार्च 2020 तक रिटर्न फाइल करते हैं तो आप पर 10,000 रुपए जुर्माना लग सकता है।


छोटे टैक्सपेयर्स पर कितनी पेनाल्टी?


छोटे टैक्सपेयर्स जिनकी कुल इनकम 5 लाख रुपए से कम है। अगर वो 31 मार्च से पहले रिटर्न फाइल करते हैं तो उनपर मैक्सिमम लेट फीस 1000 रुपए लग सकती है।


अगर किसी टैक्सपेयर्स की कुल इनकम, टैक्स स्लैब छूट के दायरे में है तो उसके देर से रिटर्न फाइल करने पर कोई टैक्स नहीं लगता है।


क्या है टैक्स छूट की सीमा?


60 साल की उम्र तक टैक्स छूट की सीमा 2.50 लाख रुपए है।


60 साल से ज्यादा और 80 साल से कम उम्र वाले टैक्सपेयर्स की टैक्स छूट सीमा 3 लाख रुपए है।
 
80 साल से ज्यादा उम्रदराज टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स छूट की सीमा 5 लाख रुपए है।


हालांकि लेट फाइन की यह शर्त है कि अगर किसी को फॉरेन एसेट्स से आमदनी हो रही है तो टैक्स छूट की सीमा में रहने के बावजूद देर से रिटर्न फाइल करने पर उस पर टैक्स लग सकता है।