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बिना हेल्थ इंश्योरेंस के टैक्स प्लानिंग है अधूरी, जानिए क्यों?

लोग अपने निवेश, सेविंग, और लोन पर ध्यान देते हैं। लेकिन अक्सर अपने टैक्स प्लानिंग की योजना बनाते समय हेल्थ इंश्योरेंस के महत्व को भूल जाते हैं
अपडेटेड Mar 17, 2020 पर 09:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कहते हैं स्वस्थ्य ही संपत्ति है। आजकल की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में कब युवाओं के शरीर को बीमारियां अपना घर बना लेती हैं। इसका पता भी नहीं चलता है। शुरुआती दौर में लोग युवा जोश में रहने के कारण स्वास्थ्य पर कुछ खास ध्यान नहीं देते। जबतक शरीर बीमारियों का घर बन जाता है। तब तक काफी देर हो जाती है। लिहाजा हेल्थ पर ध्यान देने की शुरुआत से ही जरूरत है। ऐसे में हेल्थ पॉलिसी जीवन के शुरुआती दौर में ही लेना कफी मायने रखता है। मौजूदा समय में जिस तरह से दुनिया के की हिस्सों में कोरोना कहर जारी है। उसमें तो हेल्थ पॉलिसी लेना लगभग सबके लिए जरूरी हो जाता है।  


लोग अपने निवेश, सेविंग, और लोन पर ध्यान देते हैं। लेकिन अक्सर अपने टैक्स प्लानिंग की योजना बनाते समय हेल्थ इंश्योरेंस के महत्व को भूल जाते हैं। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कंपनी ने हेल्थ पॉलिसी दी हुई, उसमें हेल्थ कवर हो जाएगा। लकिन उसकी अपनी सीमें होती हैं। वैसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से अगर देखा जाए तो एक पर्सनल हेल्थ पॉलिसी या फैमली फ्लोटर प्लान होना जरूरी है। जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में आपको और आपके परिवार के लिए पूरा कवरेज मुहैया कराए।


यह न केवल आपकी जेब से मेडिकल खर्चों को बचाएगा, बल्कि यह आपके मन को भी शांति देगा, जिसकी कोई कीमत नहीं है। इससे आप अपने परिवार का ढंग से देखभाल कर सकते हैं साथ ही आपको अधिक टेंशन भी नहीं होगी।
इसके साथ ही क्या प ये भी जानते हैं कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से आपको टैक्स बेनीफिट भी मिल सकता है। अगर आपने अभी तक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं ली है। तो बिना देरी किए आप कोई बेहतर हेल्थ पॉलिसी लेने के लिए विचार कर सकते हैं । एक बार में ही आप टैक्स बेनीफिट और हेल्थ इंश्योरेंस कवर ले सकते हैं।


जानिए हेल्थ इंश्योरेंस से टैक्स बेनीफिट


कवरेज


कभी-कभी अस्पताल में भर्ती हो जाने पर एक सर्जरी के बराबर का खर्च आ जाता है। ऐसे में बढ़ती महंगाई को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना एक समझदारी वाला कदम हो सकता है। कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कम से 5 लाख रुपये से शुरू होती है। जिसमें आपको काफी हद तक फायदा मिल सकता है। 


पूरे परिवार के लिए कवरेज


अगर आपके पास परिवार में कई लोग हैं। जो आप पर निर्भर हैं, तो परिवार क लिए फ्लोटर प्लान बेहतर है। इसमें हर सदस्य के लिए व्यक्तिगत हेल्थ पॉलिसी के बजाय आप सभी को कवर करती है।


सीनियर सिटिजन हेल्थ पॉलिसी


अगर आपके पैरेन्ट्स या इन-लॉज हैं, जो प पर निर्भर हैं तो उनके लिए फैमली फ्लोटर प्लान में शामिल करने के बजाय उनके लिए अलग से सीनियर सिटिजन हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना बेहतर है। उसमें यह सुनिश्चत करें कि उनके उम्र को देखते हुए पर्याप्त कवरेज मिले। ये थोड़ा महंगा हो सकता है। लेकिन अच्छा है।


सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ बूस्ट कवरेज


जब आपकी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से बीमा राशि खत्म हो जाती है तो आपको सुपर टॉप-प प्लान अतिरिक्त कवरेज देता है। कभी भी अचानक से आए मेडिकल इमरजेंसी के लिए यह फायदे का काम करता है। जिससे आपको अपनी सेविंग से पैसा न निकालने पड़े। ऐसे खर्चों के लिए आपको लोन न लेना पड़े। इसे एक फ्लोटर पॉलिसी के तौर पर लिया जा सकता है। जिससे आपके पूरे परिवार को कवरेज मिलता है।


सेक्शन 80D के तहत टैक्स में कटौती


हेल्थ इंश्योरेंस प्लान से आप इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80D के तहत टैक्स बचाने में मदद करता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए चुकाए गए प्रीमियम पर सेक्शन 80D के तहत 25,000 रुपये तक की कर कटौती ले सकते हैं। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है। अगर आप और आपके माता-पिता दोनों 60 साल से ऊपर हैं तो 1 लाख रुपये तक का दावा किया जा सकता है।


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