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रिलेटिव स्ट्रेंथ कंपैरेटिव क्या है?

तकनीकी विश्लेषण से हम किसी भी शेयर की रिलेटिव स्ट्रेंथ कंपैरेटिव (आरएससी) पता लगा सकते हैं।
अपडेटेड Nov 18, 2010 पर 09:06  |  स्रोत : Hindi.in.com

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तकनीकी विश्लेषण से हम किसी भी शेयर की रिलेटिव स्ट्रेंथ कंपैरेटिव (आरएससी) पता लगा सकते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ कंपैरेटिव का मतलब है शेयर के उतार-चढ़ाव की किसी सूचकांक, दूसरी कंपनी के शेयर या फिर सेक्टर से तुलना कर सकते हैं।



किसी शेयर के पिछले प्रदर्शन को जानने के लिए आरएससी का इस्तेमाल किया जा सकता है। आरएससी के नतीजों से आप जान पाएंगे कि शेयर में निवेश करना फायदेमंद रहेगा या नहीं।



जिन शेयरों में सूचकांकों से ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखता है जरूरी नहीं है कि शेयर किसी एक दिशा में कारोबार करे। जिन शेयर का आरएससी कोअफिशन्ट ज्यादा होता है, वो शेयर सूचकांक से ज्यादा चढ़ते हैं। लेकिन, सूचकांकों के मुकाबले इन शेयरों में धीमी गिरावट दिखती है।



ऐसे शेयरों में निवेश करने से ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।