सेकेंड हैंड कार के लिए लोन ले रहे हैं तो इन 5 बातों का रखिए ख्याल

प्रकाशित Mon, 22, 2019 पर 15:41  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में सेकेंड हैंड कारों का बाजार काफी बड़ा है। जिस वक्त यहां तीन नई कारें बिकती हैं, उसी वक्त चार सेकेंड हैंड कारें भी बिक रही होती हैं। बाजार बड़ा होने के साथ-साथ ये सेक्टर थोड़ा ऑर्गनाइज भी हुआ है। इस्तेमाल हो चुके कार भी लोन पर लिए जा सकते हैं।


अगर आप नई कार की बजाय सेकेंड हैंड कार पर पैसे खर्च करना चाहते हैं तो कार और लोन दोनों से जुड़ी कुछ बहुत जरूरी बातें हैं, जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए क्योंकि लोन के डॉक्यूमेंटेशन और कार के वैल्यूएशन का प्रोसेस थोड़ा पेचीदा हो सकता है।


इंटरेस्ट रेट


सेकेंड हैंड कार के लिए लोन लेने पर आपको नए कार के लोन से ज्यादा इंटरेस्ट चुकाना पड़ेगा। यूज्ड कारों पर बैंक सिक्योरिटी के लिए ज्यादा इंटरेस्ट रेट लगाते हैं। आपकी कार जितनी पुरानी होगी, इंटरेस्ट रेट उतना ज्यादा होगा। बैंक यूज्ड कार पर 10.50 से 18 फीसदी के इंटरेस्ट रेट पर लोन देते हैं।


लोन अमाउंट


बैंक आमतौर पर आपकी कार की कीमत का 80-85 फीसदी अमाउंट देते हैं लेकिन कुछ फाइनेंस कंपनीज इससे ज्यादा की कीमत पर भी लोन देती हैं। आपका लोन अमाउंट आपकी कार की वैल्यूएशन और आपकी लोन एलिजिबिलिटी पर डिपेंड करता है। मान लीजिए अगर आप 7 लाख की सेकेंड हैंड कार खरीद रहे हैं और बैंक ने आपकी कार का वैल्यू 5 लाख निकाला तो आपको लोन का बस 80 फीसदी अमाउंट यानी 5.2 लाख ही मिलेगा।


लोन की अवधि


यूज्ड कार के लोन के लिए टेन्योर काफी अहम चीज है। आमतौर पर यूज्ड कार के लोन को चुकाने की कीमत पर्सनल लोन की तर्ज पर पांच साल की होती है। कुछ बैंक आपकी कार के ओरिजिनल इनवॉइस के 10 साल के भीतर ये लोन चुकाने को कहते हैं। जैसे कि मान लीजिए कि आपने 7 साल पुरानी कार खरीदी है तो आपको ये लोन अगले 3 सालों के भीतर चुकानी होगी। अकसर आपका लोन टेन्योर आपकी कार की उम्र और स्थिति पर भी निर्भर करता है।


इसके साथ ही आपको अपने फोरक्लोजर चार्ज के बारे में भी सारी जानकारी ले लेनी चाहिए। लोन अप्रूव कराने से पहले अपने बैंक से फोरक्लोजर चार्जेज जरूर पता कर लें। कुछ बैंक फोरक्लोजर का ऑप्शन देते हैं। लेकिन कुछ बैंक छह महीने से पहले फोरक्लोजर की परमिशन ही नहीं देते हैं।


अगर आप अपने लोन की अवधि पूरी होने से पहले ही लोन चुकाना चाहते हैं तो बैंक आपकी अवधि की हिसाब से आपके लोन के अमाउंट का 6 फीसदी चार्ज लेते हैं।


क्रेडिट स्कोर


यूं तो पर्सनल लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर काफी मायने रखता है लेकिन यूज्ड कार के लोन के लिए आपका क्रेडिट स्कोर ज्यादा मायने नहीं रखता। इसके लिए बैंक खराब स्कोर होने पर भी लोन दे देते हैं।


यूज्ड कार के लोन के लिए अप्रूवल और डिसबर्सल में थोड़ा ज्यादा टाइम लग सकता है।


इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन


इंश्योरेंस एक्सचेंज करवाना न भूलें। आप जिस किसी से भी कार खरीद रहे हैं, एक बार ये जरूर पता कर लें कि उसके पास इंश्योरेंस है या नहीं। अगर उनके पास इंश्योरेंस हैं तो उसे तुरंत अपने नाम पर करवा लीजिए। कार का रजिस्ट्रेशन भी तुरंत अपने नाम से करवाइए। आप पुराना इंश्योरेंस लेने की जगह नया इंश्योरेंस भी अपने नाम से ले सकते हैं। ये ऑप्शन अकसर कई मायनों में ज्यादा बेहतर साबित होता है।


लोन के इतर यूज्ड कार खरीदते समय अपनी कार की स्थिति का गहन जायजा लेना न भूलें। आपको इंजन, मेंटेनेंस, फ्लुइड वगैरह कई चीजों की गहरी जांच करनी चाहिए, ताकि बाद में आपको कोई परेशानी न हो।