Data Plan Prike Hike: दुनिया के बड़े लोकतांत्रिक देशों की गिनती में शामिल भारत में जल्द ही लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। वहीं, टेलिकॉम कंपनियां डेटा प्लान में बढ़ोतरी का प्लान कर रही है। कई स्टॉक ब्रोकिंग कंपनियों का अनुमान है कि लोकसभा चुनावों के बाद डेटा प्लान महंगे हो सकते हैं। ये अनुमानित बढ़ोतरी 15 से 17 फीसदी के बीच हो सकती है। एयरटेल टैरिफ प्लान बढ़ा सकती है। सभी प्लान्स पर 17 फीसदी तक दाम बढ़ सका है। अगर ऐसा होता है तो एयरटेल के 198 रुपये के प्लान के लिए 232 रुपये तक चुकाना पड़ सकता है।
2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी
आखिरी बार टैरिफ में बढ़ोतरी 20 प्रतिशत की गई थी। ये बढ़ोतरी दिसंबर 2021 में हुई थी। यह अनुमान लगाया गया है कि भारती एयरटेल का प्रति यूजर ARPU फाइनेंशियल ईयर 27 के अंत तक मौजूदा 208 रुपये से बढ़कर 286 रुपये हो जाएगा। यह बढ़ावा टैरिफ बढ़ोतरी 2G यूजर्स को 4G और 4G को 5G में शिफ्ट करने के तहत किया जा रहा है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से आधिकारिक तौर पर टैरिफ बढ़ाने के लेकर कोई भी ऐलान किया गया है। स्टॉक ब्रोकिंग को उम्मीद है कि भारती का कस्टमर बेस 2% की दर से सालाना बढ़ेगी, जबकि टेलीकॉम इंडस्ट्री की ग्रोथ दर 1% सालाना है।
वहीं, जियो ने 2016 में अपनी टेलीकॉम सर्विसेज शुरू की थी और दिसंबर 2019 में पहली बार 20-40% टैरिफ बढ़ोतरी की थी और फिर दिसंबर 2021 में 20% की। भारती एयरटेल टैरिफ बढ़ोतरी का नेतृत्व करते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 तक टेलीकॉम के एआरपीयू को 260 रुपये से अधिक तक ला देगा। जबकि सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स में 15% टैरिफ ग्रोथ होगी। एयरटेल और जियो मीडियम टर्म में 85% मार्केट को डोमिनेट कर चुके होंगे। पिछले पांच सालों में भारती एयरटेल और जियो टेलीकॉम कंपनियों को मार्केट में दबदबा है। यही कारण है कि VI सितंबर 2018 में 37.2% से घटकर दिसंबर 2023 में 19.3% रह गया है। एयरटेल का इस समय में 29.4% से बढ़कर 33.0% हो गया है। जियो 21.6% से बढ़कर 39.7% तक पहुंचने वाला सबसे बड़ा लाभार्थी बन गया है।