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क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहना क्यों जरूरी है, जानिए इसकी 5 वजह

लोन देने से पहले बैंक आपका क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं इसलिए आपको भी अपने क्रेडिट स्कोर की जानकारी होनी चाहिए
अपडेटेड Jun 02, 2020 पर 17:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

राधिका बिनानी


जब भी आप किसी भी प्रकार के लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो वो पहली चीज़ जिसे बैंक और लोन संस्थान आपकी योग्यता जानने के लिए चेक करते हैं वो है आपका क्रेडिट स्कोर। कई लोन संस्थान लोन की ब्याज दर तय करते समय भी आपके क्रेडिट स्कोर पर विचार करते हैं। इसलिए, एक अच्छा क्रेडिट स्कोर ना सिर्फ आपके लोन मिलने की संभावनाओं को बढ़ाता है बल्कि आपको बेहतर ब्याज दरों पर लोन दिलाता है।
यह अहम है कि लोन की आवश्यकता के बिना भी हर तीन महीनों में कम से कम एक बार आपको अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर लेना चाहिए। यहां 5 कारण दिए गए हैं कि यह क्यों महवपूर्ण है।


आप कितने क्रेडिट के लायक हैं?
 
बैंक और लोन संस्थान आपकी क्रेडिट योग्यता जानने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर ही चेक करते हैं। इसलिए, अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते रहने से आपको अंदाज़ा रहेगा कि आप कितना लोन या क्रेडिट लेने के लिए योग्य हैं और आप स्कोर को स्थिर बनाए रखने या सुधारने के लिए कदम उठा सकते हैं। ये आदत आपके लोन और क्रेडिट कार्ड आवेदनों को कम क्रेडिट स्कोर के कारण अस्वीकार होने से बचाती है।   


गलत जानकारी को ढूंढने में मदद मिलेगी


 क्रेडिट ब्यूरो बैंक और लोन संस्थानों से मिली जानकारी के आधार पर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट बनाते हैं। लोन संस्थान या क्रेडिट ब्यूरो द्वारा कोई भी गलत जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऐसी जानकारी भविष्य में आपकी लोन या क्रेडिट कार्ड योग्यता को कम कर सकती है। इस तरह की गलत जानकारी को जानने का एक ही तरीका है, समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करते रहना और उसमें ऐसी जानकारी मिलने पर क्रेडिट ब्यूरो को उसकी सूचना देना।


वित्तीय धोखाधड़ी से बचे रहने में मदद


वित्तीय ट्रांजैक्शन के लिए जानबूझकर किसी दूसरे की निजी जानकारी के दुरुपयोग को पहचान की चोरी (आइडेंटिटी थेफ़्ट) कहते हैं। जालसाज़ धोखे से ली गई आपकी जानकारी का उपयोग आपके नाम पर क्रेडिट कार्ड और लोन आवेदन करने के लिए कर सकते हैं। क्योंकि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आपकी सभी क्रेडिट संबंधित ट्रांजेक्शन और इन्क्वायरी होती हैं, इसलिए क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहने से आपके नाम पर हुई ऐसी किसी भी धोखाधड़ी के बारे में आपको पता चल जाएगा।
 
गैरजरूरी जांच से बचना मुमकिन


जब भी आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो संबंधित बैंक या लोन संस्थान क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की मांग करता है ताकि वो आपकी योग्यता जान सके। लोन संस्थान द्वारा क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट की मांग को ही हार्ड-इन्क्वायरी कहा जाता है। कम समय में ज़्यादा हार्ड-इन्क्वायरी होना आपके क्रेडिट स्कोर को घटा सकता है। इसलिए अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहना बेहतर है ताकि आपको क्रेडिट स्कोर से संबंधित अपनी लोन योग्यता का पता रहे। ये आदत आपको योजनाबद्ध रूप से लोन आवेदन करने और अपने स्कोर को स्थिर बनाए रखने या सुधारने के लिए ज़रूरी कदम उठाने में मदद करेगी। 


क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए ज़रूरी सुझाव


फिलहाल भारत में चार क्रेडिट ब्यूरो हैं – ट्रांसयूनियन सिबिल, क्रिफ हाई-मार्क, एक्स्पेरियन और इक्वीफैक्स। प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो अपने तरीके के मुताबिक, क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करता है। इस तरह एक व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर चारों ब्यूरो में अलग-आलग हो सकता है। इसलिए, एक वर्ष में एक बार प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करें।


इसके अवाला, आप ऑनलाइन फाइनेंशियल पोर्टल से भी मुफ्त में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। यहां आपको आपके क्रेडिट स्कोर और अन्य कारकों के आधार पर विभिन्न क्रेडिट कार्ड और उपलब्ध लोन के ऑफर के बारे में भी बताया जाएगा। उनके मासिक अपडेट आपको आपके क्रेडिट स्कोर में होने वाले किसी भी बदलाव से अवगत कराएंगे, ताकि आप आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने या स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।


लेखिका पैसाबाजार डॉटकॉम की चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर हैं।


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