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Savings Account है? जानिए बैंक किन तरीकों से कर सकता है आपको चार्ज

क्या आप जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट पर बैंक कई तरीकों से चार्ज लगाते हैं?
अपडेटेड May 31, 2019 पर 12:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सेविंग्स अकाउंट सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आने वाला अकाउंट टाइप है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट पर बैंक कई तरीकों से चार्ज लगाते है। बैंक इस पर कई तरह की सर्विसें देते हैं, लेकिन कुछ शर्त और नियम के साथ, इसलिए अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है तो आपको बैंक को पेनल्टी देने की नौबत आ सकती है।


तो क्या आप जानते हैं कि आपके बैंक आपसे किन तरीकों से चार्ज वसूलते हैं? हम बता रहे हैं-


Mobile Alert: क्या आपको पता है कि कुछ-कुछ बैंक किसी भी डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के बाद मोबाइल पर भेजे जाने वाले अलर्ट के लिए चार्ज लेते हैं। ये डिफॉल्ट सर्विस नहीं होती, अकाउंट होल्डर को इसे एक्टिवेट करना होता है। पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इस सर्विस के लिए हर तिमाही पर 15 रुपए प्लस टैक्स लेतें हैं। हालांकि, सैलरी अकाउंट पर बैंक ऐसी कोई फीस नहीं लेते।


Insufficient Balance: सेविंग्स अकाउंट में आपको तयशुदा मिनिमम बैलेंस रखने की शर्त पूरी करनी पड़ती है। खास करके बड़े शहरों में अधिकतर बैंकों में आपको 10,000 तक का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होता है। अगर आपके अकाउंट इससे कम बैलेंस होता है तो बैंक आपसे 300-500 रुपए प्रति महीने नॉन मेंटेनेंस चार्ज वसूल सकते हैं।


Debit Card Charge: डेबिट कार्ड इशू करने पर बैंक कुछ चार्ज लेते हैं। issuance fee 150 से ₹700 तक हो सकते हैं। अधिकतर बैंक्स आपके डेबिट कार्ड के टाइप के आधार पर मेंटेनेंस चार्ज लेते हैं। बेसिक डेबिट कार्ड पर 500-200 रुपए प्लस टैक्स लगता है। अगर आपके पास प्रीमियम डेबिट कार्ड है तो मेंटेनेंस चार्ज भी ज्यादा हो सकता है।


वहीं अगर आपने अपना डेबिट कार्ड खो दिया है या फिर आपको रिप्लेसमेंट चाहिए तो आपको इसके लिए भी फीस चुकानी होगी आमतौर पर बैंक हर रिप्लेसमेंट कार्ड पर 200 रुपए प्लस टैक्स चार्ज करते हैं।


Account Statement: अधिकतर बैंक आपको आपके अकाउंट स्टेटमेंट की हार्ड कॉपी दे देते हैं लेकिन आप ये सुविधा कुछ निर्धारित लिमिट तक उठा सकते हैं। जैसे कि SBI हर 40वीं एंट्री के लिए 100 रुपए की फीस लेता है। इस फीस से बचने के लिए आप बैंक के ऐप पर अपना अकाउंट स्टेटमेंट देख सकते हैं या एंट्री चेक कर सकते हैं, यह सुविधा फ्री होती है। वहीं, अगर आप अपने स्टेटमेंट की डुप्लीकेट कॉपी लेना चाहते हैं तो अच्छा होगा कि आप खुद ही उसका प्रिंटआउट निकाल लें और बैंक से अटेस्ट करा लें क्योंकि बैंक आमतौर पर इस पर चार्ज नहीं लेते। हालांकि बैलेंस सर्टिफिकेट के लिए बैंक 100-500 रुपए का चार्ज लेते हैं।


Declined Transaction: अगर आपके सेविंग्स अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और आप अपने डेबिट कार्ड से टांजैक्शन करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपका बैंक आप पर पेनल्टी लगा सकता है। ऐसा बस आपके बैंक एटीएम पर ही नहीं दूसरे बैंक के एटीएम और किसी भी कमर्शियल आउटलेट पर हो सकता है। बैंक्स हर डिक्लाइंड ट्रांजैक्शन पर 25 रुपए प्लस टैक्स चार्ज करते हैं।


Bounced Cheque: आपका चेक बाउंस होने पर भी बैंक आप पर चार्ज लगा सकते हैं क्योंकि इसकी एक वजह हो सकती है कि आपके अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है। पर्याप्त बैलेंस न होने पर बैंक आपसे 500 रुपए तक का बैलेंस वसूल सकते हैं। लेकिन अगर आपका चेक किसी सिग्नेचर इशू या किसी टेक्निकल एरर की वजह से हुआ है तो बैंक आपसे 50 रुपए तक का चार्ज लेगा।


ATM Charge: बैंकों ने अपने और दूसरे बैंकों के एटीएम से ट्रांजैक्शन की लिमिट और चार्ज तय कर रखा है। आमतौर पर बैंक हर महीने में अपने एटीएम से पांच ट्रांजैक्शन और दूसरे बैंकों के एटीएम से तीन ट्रांजैक्शन करने की सुविधा देते हैं लेकिन अगर आपने ये सीमा खत्म कर ली है तो आपको हर विथड्रॉल पर 20 रुपए का चार्ज देना होगा।


Debit Card PIN Regeneration: बैंक डेबिट कार्ड पिन दोबारा जेनरेट करने पर भी चार्ज लगात हैं। जैसे, HDFC Bank डेबिट कार्ड पिन दोबारा जेनरेट करने पर 50 रुपए प्लस टैक्स और ICICI बैंक पिन रीजेनरेशन पर 25 रुपए का चार्ज लेता है।