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म्यूचुअल फंड में क्यों डूबा आपका पैसा?

प्रकाशित Thu, 18, 2019 पर 14:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना अभी तक सुरक्षित माना जाता था। आम निवेशक भी शेयर बाजार की बहती गंगा के दर्शन करने के लिए इसी को जरिया बनाते थे। लेकिन हाल ही में एस्सेल ग्रुप यानी जी में पैसा लगाने वाले म्यूचुअल फंड हाउस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था।


क्या थी समस्या?


कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियों ने ज़ी यानी एस्सेल ग्रुप में पैसा लगाया था। एस्सेल ग्रुप का बिजनेस कमजोर होने का असर एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर नजर आने लगा। जिन निवेशकों ने म्युचुअल फंड के फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान में निवेश किया था, उन्होंने जब पैसा निकालना शुरू किया तो मुश्किल बढ़ गई। एक तरफ एस्सेल ग्रुप में लगाए फंड की रिकवरी नहीं हुई। दूसरी तरफ रीडम्पशन का दबाव बढ़ने से कंपनियां दोहरी मुश्किल में घिर गईं।


कोटक म्युचुअल फंड के छह FMPs में पैसा लगाने वाले निवेशक इसे मेच्योरिटी नहीं भुना पाए। HDFC म्यूचुअल फंड ने भी अपने एक प्लान के निवेशकों को एक साल और इंतजार करने के कहा है।


पैसा डूब गया या रिकवरी होगी


कोटक के म्युचुअल फंड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को उनके निवेश का कुछ हिस्सा मिला है। उन्हें दूसरी FMP में निवेश किए गए पैसे मिल रहे हैं। जो पैसा एस्सेल ग्रुप में लगाया था, उसके लिए उन्हें इंतजार करना पड़ेगा। बाकी की रकम उन्हें तब मिलेगी जब फंड हाउस की रिकवरी हो जाएगी।


HDFC MF FMP 15 अप्रैल को मेच्योर हुआ है। ऐसे में निवेशकों के पास विकल्प है कि वह मेच्योरिटी डेट बढ़ा लें या फिर फंड इसी वैल्यू पर निकाल लें।


क्या सभी म्यूचुअल फंड मुश्किल में हैं


कोटक म्यूचुअल फंड और HDFC MF के अलावा कई फंड कंपनियों ने ज़ी ग्रुप के डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया था। ज़ी ग्रुप में 7500 करोड़ रुपए निवेश किए गए हैं। इसमें से 1400 करोड़ रुपए FMP यानी फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान के हैं। ज़ी ग्रुप में पैसा लगाने वाली फंड कंपनियों में कोटक और HDFC के अलावा आदित्य बिड़ला सनलाइफ और रिलायंस MF भी है।


म्यूचुअल फंड्स की क्यों नहीं हुई रिकवरी


फंड हाउस ने ज़ी एंटरटेनमेंट एंटप्राइज के शेयरों के बदले पैसा उधार दिया था। इस बीच ज़ी के शेयरों के भाव गिर गए। नतीजा यह रहा कि फंड हाउस के होल्डिंग की वैल्यू घट गई। ज़ी के शेयरों में गिरावट के बावजूद फंड हाउस ने अपना पैसा नहीं निकाला। नतीजा उनके लोन की वैल्यू गिर गई।


क्या FMP में निवेश करना गलत है


नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है। लेकिन निवेशकों को हमेशा फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लान की जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। स्कीम पोर्टफोलियो का क्रेडिट प्रोफाइल बहुत खराब था। ऐसी स्कीम के डिफॉल्ट होने का चांस ज्यादा रहता है।