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क्रेडिट कार्ड से ज्यादा खर्च कर दिया है तो ऐसे चुकाएं कर्ज

अगर आप उन लोगों में से हैं जो त्योहारी सीजन पर जरूरत से ज्यादा पैसे खर्च कर चुके हों तो आपके पास इस बोझ से निपटने के कुछ तरीके हैं
अपडेटेड Dec 01, 2020 पर 11:50  |  स्रोत : Moneycontrol.com

हीरल थानावाला निखिल वालवलकर


दीवाली का त्योहार गुजर चुका है और आपके क्रेडिट कार्ड के बिल अगर आपके पास अभी तक नहीं पहुंचे हैं तो वे जल्द ही आपके पास आने वाले होंगे। ऐसे में आपको इस दौरान हुए खर्चों का लेखाजोखा निकालने की जरूरत है। हम में से कइयों ने त्योहारी सीजन के दौरान जमकर खरीदारी की होगी। बहुत से लोग ऐसे भी होंगे जिन्होंने अपने बजट से बाहर जाकर त्योहार के दौरान पैसे खर्च किए होंगे।


अगर आपने ताबड़तोड़ क्रेडिट कार्ड स्वाइप किए होंगे तो आपके पास भारी बिल और बकाया को चुकाने का प्रेशर रहेगा। आप इस कर्ज से कैसे निपटेंगे? आपके पास क्रेडिट कार्ड के इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) ऑफर्स स्वीकार करने का विकल्प होगा। इसके अलावा आप एक निश्चित रकम भी चुका सकते हैं और बकाया बचे हुए बिल को अगले महीने के लिए छोड़ सकते हैं।


हालांकि, ये दोनों ही विकल्प अच्छे नहीं हैं।


तो आप अपना कर्ज का बोझ कैसे कम कर सकते हैं? खासतौर पर ऐसे वक्त पर जबकि हो सकता है कि आप सैलरी में कटौती या नौकरी जाने जैसी दिक्कत का सामना कर रहे हों, यह कर्ज आपके लिए मुश्किलभरा साबित हो सकता है।


अपने कैशबैक और रिवॉर्ड पॉइंट्स को रिडीम कीजिए


अगर आपके क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक ने अभी तक बिल नहीं जनरेट किया है तो आपको अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कर लेने चाहिए। कुछ बैंक यह सहूलियत देते हैं कि आप अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स का इस्तेमाल करके अपने क्रेडिट कार्ड का बिल चुका दें।


अगर आपका क्रेडिट कार्ड बिल जनरेट हो चुका है तो आपके द्वारा किया गया कोई भी अनुरोध अगले बिलिंग साइकिल में ही आएगा। इससे आपको मिलने वाली राहत में कुछ देरी हो जाएगी।


क्रेडिट कार्ड EMI का विकल्प


क्रेडिट कार्ड बकाया का भुगतान करने के लिए क्रेडिट कार्ड ईएमआई सबसे आसानी से मिलने वाला एक विकल्प होता है। इन पर लगने वाला ब्याज 15 से 22 फीसदी तक होता है। साथ ही, इसके साथ ऊंची प्रीपेमेंट कॉस्ट जैसी चीजें भी होती हैं।


बकाया भुगतान को ऐसे क्रेडिट कार्ड पर ट्रांसफर कराना जिसमें सबसे कम ब्याज हो और सबसे लंबा इंटरेस्ट फ्री पीरियड हो, उसे भी एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।


आप अपने बैंक की कस्टमर सर्विस को कॉल करके भी अपने बकाया को EMI पर भी कनवर्ट कर सकते हैं।


बैंकबाजार के CEO आदिल शेट्टी कहते हैं, “हालांकि, एक सिक्योर्ड पर्सनल लोन के मुकाबले ये दोनों ही विकल्प काफी महंगे हैं। अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट, इंश्योरेंस, प्रॉपर्टी या गोल्ड के बदले कम ब्याज दर पर और आसान ईएमआई पर पर्सनल लोन हासिल कर सकते हैं तो यह अपने कर्ज चुकाने के लिए सबसे बढ़िया तरीका साबित हो सकता है।”


रेक्टीफाईक्रेडिट.कॉम की फाउंडर डायरेक्टर अपर्णा रमचंद्रा कहती हैं, “यह चीज ध्यान में रखनी महत्वपूर्ण है कि मौजूदा महामारी के दौरान हो सकता है कि क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक से आपको ईएमआई का विकल्प ही न मिले। अगर बैंक आपको ईएमआई पेमेंट का विकल्प देता है तो यह कम अवधि के लिए होगा और इस पर लगने वाला ब्याज ज्यादा हो सकता है।”


होम लोन टॉप-अपः सस्ते लेकिन सीमित विकल्प


आप अपने मौजूदा होम लोन पर टॉप-अप की मांग भी कर सकते हैं ताकि आप अपने कर्ज को चुका सकें। लेकिन, इसकी सीमाएं हैं। शेट्टी कहते हैं, “होम लोन को मिलने में काफी ज्यादा वक्त लगता है। ऐसे में अगर आपको कम ब्याज दर पर भले ही टॉप-अप मिल रहा हो, लेकिन लंबे टेन्योर का मतलब है कि आप बतौर ब्याज आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं।”


मिसाल के तौर पर, अगर 1 लाख रुपये का टॉप अप लोन लेते हैं और इसका टेन्योर 15 साल है तो 7.5 फीसदी जितने कम ब्याज पर भी आपको ब्याज के मद में ही करीब 70,000 रुपये चुकाने पड़ेंगे।


ऐसे में इस टॉप-अप को सही तरीके से निपटाना जरूरी है। बेहतर होगा कि आप हर महीने कुछ पैसा अलग रखें और कोशिश करें कि एक साल के भीतर ही आप टॉप-अप से ली गई रकम को पूरी तरह से चुका दें। इससे आप बहुत ब्याज बचा लेंगे।


लेकिन, ये लोन उन्हीं को मिल सकते हैं जो कि पहले से ही होम लोन पर ईएमआई चुका रहे हैं।


ऐप बेस्ड लोन लेने से बचिए


फिनटेक लेंडर्स से लोन लेना भी एक विकल्प है। कई दफा आपको ऐप-बेस्ड लेंडर्स से फिक्स्ड रेट वाले ब्याज पर डील्स के ऑफर मिलते हैं।


हालांकि, रिड्यूसिंग इंटरेस्ट रेट पर मिलने वाले पर्सनल लोन ज्यादा सस्ता विकल्प साबित होते हैं।


मायलोनकेयर.इन के फाउंडर और सीईओ गौरव गुप्ता के मुताबिक, “ऐप-बेस्ड लोन को ऐसे लोग ज्यादा तरजीह देते हैं जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री या तो बिलकुल नहीं होती या न के बराबर होती है या जिनकी सैलरी 20,000 रुपये तक होती है। दूसरे उधारीकर्ताओं को ऐप-बेस्ड लोन्स की बजाय अच्छे पर्सनल लोन मिलने की उम्मीद रहती है।”


इनवेस्टमेंट के बदले लोन


टॉप-अप लोन और पर्सनल लोन ऐसे लोगों के लिए कारगर साबित होते हैं जो अपने कैश फ्लो के जरिए इनकी ईएमआई को नियमित तौर पर चुका सकते हैं। लेकिन, अगर आपके सामने कैश फ्लो की दिक्कत है तो यह देखिए कि क्या आप अपने इनवेस्टमेंट्स के बदले फंड जुटा सकते हैं।


फिक्स्ड डिपॉजिट्स, म्यूचुअल फंड्स, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज और यहां तक कि गोल्ड के बदले भी टॉप-अप या पर्सनल लोन आप ले सकते हैं। इनसे आपकी फंडिंग की कॉस्ट कम रह सकती है। ये लोन आमतौर पर एक साल के करीब के ओवरड्राफ्ट के तौर पर आते हैं। बैंक इन्हें तेजी से डिजिटल तौर पर दे देते हैं।


रामचंद्रा कहती हैं, “चूंकि इक्विटी मार्केट बढ़िया चल रहे हैं, ऐसे में आप अपने इक्विटी निवेश को फायदे में बेच सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी म्यूचुअल फंड स्कीमों की कुछ यूनिट्स भी बेच सकते हैं। आप अपनी ऐसी बीमा पॉलिसीज पर भी नजर डाल सकते हैं जिनमें आंशिक विद्ड्रॉल मुमकिन है। आप अपने निवेश को फायदा कमाकर निकाल सकते हैं और इससे क्रेडिट कार्ड का बकाया चुका सकते हैं।”


आपको क्या करना चाहिए?


सबसे पहले अपने लोन एग्रीमेंट के नियम और शर्तें देख लीजिए. रामचंद्रा कहती हैं, “साथ ही अपने बैंक से बात कीजिए और अपने क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम के रीपेमेंट विकल्पों पर चर्चा कीजिए. यह दिखाइए कि आप भुगतान करना चाहते हैं और आपका अपने क्रेडिट कार्ड के बकाया पर डिफॉल्ट करने का कोई इरादा नहीं है।”


अगर आप अपने बकाया को चुकाने के लिए लोन लेते हैं, लेकिन आपको खासतौर पर ब्याज दर, प्री-पेमेंट की शर्तों और दूसरे खर्चों पर फोकस करना चाहिए। आप बैंकों के ऐसे फेस्टिवल ऑफर्स पर भी नजर डाल सकते हैं जिनमें आपको कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है और ये लोन प्रोडक्ट्स पर प्रोसेसिंग फीस माफ कर रहे होते हैं। इसमें आपको अपने अच्छे क्रेडिट स्कोर से काफी मदद मिल सकती है।


लोन का भुगतान करने के बाद आपको फिर से अपनी निवेश रणनीति पर आगे बढ़ना शुरू कर देना चाहिए।


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