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EMI चुकाने से 3 महीने की राहत: क्या यह आपके फायदे में है?

अगर कैश की किल्लत नहीं है तो मोरोटोरियम का विकल्प मत चुनिए क्योंकि EMI चुकाने में ही भलाई है
अपडेटेड Mar 29, 2020 पर 09:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोनावायरस (Coronavirus)  के बढ़ते संक्रमण की वजह से देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है। मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए RBI ने  बॉरोअर्स को बड़ी राहत दी है। RBI ने सभी फाइनेंशियल संस्थाओं कमर्शियल बैंकों, कोऑपरेटिव बैंकों और NBFC को टर्म लोन की EMI पर तीन महीने का मोरोटोरियम देने की इजाजत दे दी है। यह 1 मार्च 2020 से लागू होगा।


मोरोटोरियम के दौरान बॉरोअर्स को लोन की EMI चुकाने की जरूरत नहीं है। पहले से ही लॉकडाउन की मुश्किल झेल रहे बॉरोअर्स को तीन महीने तक EMI ना चुकाने से कैश की दिक्कत नहीं होगी।


RBI ने क्रेडिट इनफॉर्मेशन कंपनियों को भी कहा है कि EMI ना चुकाने पर वह किसी की क्रेडिट हिस्ट्री की नेगेटिव ना करें।


क्या होता है टर्म लोन?


कोई भी लोन जिसकी अवधि एक साल से ज्यादा होती है उसे टर्म लोन कहते हैं जबकि एक साल से कम समय के लोन को डिमांड लोन कहते हैं। RBI की इस छूट का फायदा पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के बकाया पर नहीं मिलेगी। हालांकि अगर आपने कोई सामान खरीदने के लिए कंजम्पशन लोन लिया है तो आपको तीन महीने को मोरोटोरियम का फायदा जरूर मिलेगा।


किसे मिलेगा फायदा?


अगर आपने होम लोन या ऑटो लोन लिया है तो आपको इस मोरोटोरियम का फायदा मिलेगा और आपको तीन महीने तक EMI चुकाने से छूट मिल सकती है। हालांकि यह मोरोटोरियम सबको नहीं मिलेगा। RBI ने बैंकों को इसकी इजाजत दी है लेकिन बैंक अपनी तरफ से क्राइटेरिया जारी करेंगे कि वो कौन इसका फायदा ले सकता है और कौन नहीं ले सकता।


जानकारों का कहना है कि मोरोटोरियम लागू करते ही कोई बोरोअर ऑटोमैटिकली EMI नहीं रोक सकता है। इसके लिए जरूरी है कि अपने बैंक से बात करके यह जान लें कि आपका बैंक आपको यह सहूलियत दे रहा है या नहीं।


मोराटोरियम के दौरान जिन तीन महीनों की EMI बॉरोअर्स नहीं चुकाएंगे उन्हें उसके लिए कोई पीनल इंटरेस्ट नहीं देना होगा और ना ही उनकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब होगी। हालांकि इन तीन महीनों की EMI पर आपको अतिरिक्त ब्याज देना होगा जो आपके प्रिंसिपल में जुड़ जाएगा। 


आपका फायदा है या नुकसान?


यानी मोरोटोरियम पीरियड खत्म होने के बाद आपको EMI और उस पर ब्याज भी देना होगा। लिहाजा यह रकम ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में बेहतर यही है कि अगर आप नकदी संकट में फंसे हैं तभी मोरोटोरियम का विकल्प चुनें। अगर कैश की किल्लत नहीं है तो EMI चुकाने में ही भलाई है।


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