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कहीं ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए आप अपनी पेमेंट डिटेल्स खतरे में तो नहीं डाल रहे? जानें कैसे रहें सेफ

ऑनलाइन शॉपिंग के टाइम कुछ बहुत ही बेसिक सी चीजें हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपना डेटा सेफ रख सकते हैं
अपडेटेड Dec 03, 2019 पर 08:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

क्या आपने कुछ दिनों पहले OnePlus Store की वेबसाइट हैक होने की खबर सुनी थी? क्या आपको पता है कि उस हैकिंग में हैकर्स ने क्या डेटा चुराया था? वन प्लस स्टोर की वेबसाइट से यूजर्स के नाम, ईमेल आईडी, कॉन्टैक्ट नंबर और शिपिंग एड्रेस लीक हुई थी। कंपनी की ओर से कहा गया था कि यूजर्स की पेमेंट इन्फॉर्मेशन सेफ है। हालांकि, साइबर एक्सपर्ट्स की ओर से कॉमेंट आया था कि अगर हैकर्स ने इतनी डिटेल्स चुराई हैं तो पेमेंट इन्फॉर्मेशन सेफ है, इसकी क्या गारंटी है?


चूंकि अभी फेस्टिव सीजन चल है और ब्लैक फ्राइडे, पिंक फ्राइडे जैसे बहुत से सेल चल रहे हैं तो आप भी शॉपिंग कर रहे होंगे। ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग के टाइम कुछ बहुत ही बेसिक सी चीजें हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपना डेटा सेफ रख सकते हैं।


- पब्लिक Wi-Fi न यूज करना। पब्लिक वाई-फाई यूज करना बहुत ही अनसेफ हो सकता है। पब्लिक वाई-फाई साइबर क्रिमिनल्स के लिए बहुत ही आसान जरिया होता है आपके फोन में घुसने का। इसके जरिए वो आपके क्रेडिट-डेबिट कार्ड की डिटेल्स या दूसरे पर्सनल डेटा चुरा सकते हैं।


- अपने किसी भी ऑनलाइन अकाउंट को ज्यादा सिक्योर बनाने के लिए हमेशा two-factor authentication code का इस्तेमाल करिए। इसके लिए आप google authenticator या Authy जैसे ऐप्स की हेल्प ले सकते हैं। इसमें आपको आमतौर पर ऐसे किसी सिक्योरिटी क्वेश्चन का आंसर देना होता है, जो बस आपको पता हो, या फिर आपके पास ईमेल या टेक्स्ट मैसेज के जरिए कोड आएगा। इस तरीके से आपका अकाउंट डबल सिक्योर होगा.


- आपको हमेशा सिक्योर ब्राउजर और वेबसाइट यूज करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग करते हुए Firefox ब्राउज़र का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इसके कुछ फीचर्स इसे ज्यादा सिक्योर बनाते हैं। इसमें इन्हैंस्ड ट्रैकिंग प्रोटेक्शन इन-बिल्ट है, फेसबुक कंटेनर है, जो आपकी वेब एक्टिविटी को फेसबुक से छिपाकर रखता है। वहीं, इसके एक्सटेंशन भी ज्यादा सिक्योर हैं। इसके अलावा यूजर्स को अपने टेंपररी फाइल्स को डिलीट करने की सुविधा भी मिलती है।


- सिक्योर वेबसाइट की बात करें तो आमतौर पर बड़ी रिटेल वेबसाइट्स छोटी वेबसाइट्स से ज्यादा सिक्योर होती हैं। आप अनसिक्योर वेबसाइट्स को आइडेंटिफाई कर सकते हैं। जिन वेबसाइट्स के URL के आगे पैडलॉक यानी कि ताले का सिंबल न बना हो, वो साइट सेफ नहीं होतीं. अगर किसी साइट के URL स्ट्रिंग में अगर http के साथ s भी लगा हो तो उन वेबसाइट की एन्क्रिप्शन ज्यादा सेफ मानी जाती है. इसके अलावा अगर कोई वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है या ज्यादा पॉप-अप्स भेज रही है, तो यह समझ लीजिए कि वो वेबसाइट सेफ नहीं है।


- हमेशा क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करिए, डेबिट कार्ड से नहीं. क्रेडिट कार्ड पर डेबिट कार्ड के मुकाबले में ज़ीरो लायबिलिटीज होती हैं, वहीं, इसका डेटा चोरी होना आपको उतना बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाएगा।


- कभी भी किसी भी साइट पर अपनी पेमेंट डिटेल सेव मत कीजिए। अपना क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड नंबर कहीं सेव करके नहीं रखिए. Netflix, Amazon, Flipkart, Uber और Ola जैसे ऐप्स पर आपको अपनी पेमेंट डिटेल्स सेव करने का ऑप्शन मिलता है, लेकिन अपनी डिटेल्स सेव करने से बचिए।


- हमेशा टाइम-टू-टाइम अपनी डिवाइस अपडेट करते रहिए, इससे डिवाइस ज्यादा सिक्योर रहती हैं।




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