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बचत को लेकर ज्यादा जागरूक होती हैं महिलाएं, FD, PPF को देती हैं अहमियत

करीब 58 प्रतिशत महिलाएं अपना पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में जमा करना चाहती हैं
अपडेटेड Oct 31, 2019 पर 09:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बचत को लेकर पुरुषों के मुकाबले महिलाएं कुछ ज्यादा ही सतर्क होती हैं। ऑनलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Scripbox के सर्वे के अनुसार, करीब 58 प्रतिशत महिलाएं अपना पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में जमा करना चाहती हैं या फिर उसे सेविंग्स अकाउंट में पड़े रहना देना चाहती हैं। इसके अलावा सर्वे में शामिल 6 प्रतिशत प्रतिभागियों की राय में सोना खरीदना अच्छा होता है। इसके उलट 15 प्रतिशत लोग अपनी बची आय म्यूचुअल फंड में निवेश करने को बेहतर मानते हैं।


यह सर्वे फेसबुक यूजर्स के बीच इस साल अक्टूबर के पहले दो हफ्तों में किया गया। इसमें 400 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें से 54 प्रतिशत 80 और 90 के दशक में जन्म लेने वाली महिलाएं है।


सर्वे के अनुसार 80 और 90 के दशक के बीच जन्म लेने वाली (मिलेनियल्स) महिलाओं में तीन चौथाई महिलाएं बचत का समर्थन करती हैं। इनमें से करीब 16 प्रतिशत (छह में से एक) छुटि्टयों के लिए पैसा जमा करने का लक्ष्य लेकर चलती हैं।


इसके उलट जो मिलेनियल्स आयु वर्ग की नहीं है, उनमें से करीब आधी रिटायरमेंट फंड या बच्चों की एजुकेशन के लिए फंड इकट्ठा करने जैसे कामों को लेकर निवेश का लक्ष्य रखती हैं।


हालांकि, इस आयु वर्ग की महिलाओं के लिए भी (33 प्रतिशत) PPF, LIC और Fixed Deposits अहम हैं। 26 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि म्यूचुअल फंड उनके लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने में मदद कर सकता है।


सर्वे के अनुसार करीब 44 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि जब वे अपनी मेहनत की कमाई बचत या निवेश करती हैं, उनके लिए अपने पैसों तक आसान पहुंच अहम है।


Scripbox के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर अशोक कुमार ने कहा- बचत और निवेश एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और उसे समान माना जाता है। हालांकि दोनों में बड़ा अंतर है। बचत के तहत धन को आपात स्थिति के लिए रखा जाता है जबकि निवेश डिसिप्लीन्ड तरीके से वेल्थ क्रिएट करने का जरिया है।


इसमें कहा गया है कि महिलाओं के लिए इमरजेंसी के लिए पूंजी जमा करना सबसे ऊंची प्राथमिकता होती है। करीब 36 प्रतिशत महिलाओं ने अचानक रिस्क से बचाव के लिए बचत करने को प्रमुखता दी। इसके अलावा बच्चों की एजुकेशन के लिए पैसा अलग रखना (28 प्रतिशत) और रिटायरमेंट फंड बनाना (26 प्रतिशत) भी उनके लिए अहम है।


सर्वे में शामिल करीब 25 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उनके दिमाग में कोई फाइनेंशियल गोल नहीं है।



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