इस ट्रिक से आपको हर बार मिलेगा IPO!
इस ट्रिक से आपको हर बार मिलेगा IPO!
इस ट्रिक से आपको हर बार मिलेगा IPO!
IPO मार्केट में काफी बहार छाई हुई है. कंपनियां धड़ाधड़ अपना IPO लेकर आ रही हैं और इसमें छोटी-मंझली यानी SME कंपनियां भी शामिल हैं
IPO मार्केट में काफी बहार छाई हुई है. कंपनियां धड़ाधड़ अपना IPO लेकर आ रही हैं और इसमें छोटी-मंझली यानी SME कंपनियां भी शामिल हैं
निवेशक भी धड़ाधड़ IPO में पैसे लगा रहे हैं
निवेशक भी धड़ाधड़ IPO में पैसे लगा रहे हैं
सवाल यही उठता है कि जब निवेशक बड़ी संख्या में IPO में पैसे लगा रहे हैं तो शेयर सबको मिलना है नहीं, ऐसे में शेयर मिल जाएं, इसका जुगाड़ कैसे किया जाए
सवाल यही उठता है कि जब निवेशक बड़ी संख्या में IPO में पैसे लगा रहे हैं तो शेयर सबको मिलना है नहीं, ऐसे में शेयर मिल जाएं, इसका जुगाड़ कैसे किया जाए
जैसे कि DOMS के IPO की बात करें तो खुदरा निवेशकों के मामले में 52 एप्लीकेशन पर 1 एप्लीकेशन पर शेयर अलॉट हुए
जैसे कि DOMS के IPO की बात करें तो खुदरा निवेशकों के मामले में 52 एप्लीकेशन पर 1 एप्लीकेशन पर शेयर अलॉट हुए
IPO में निवेश के लिए कई कैटेगरी होती है जैसे कि क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स, नॉन- इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और रिटेल निवेशकों की
IPO में निवेश के लिए कई कैटेगरी होती है जैसे कि क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स, नॉन- इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और रिटेल निवेशकों की
Khambatta Securities के ग्रुप CEO और डायरेक्टर सुनील शाह के मुताबिक जिस कैटेगरी के लिए अधिक शेयर आरक्षित होंगे, उसमें शेयर मिलने के चांसेज बढ़ते हैं
Khambatta Securities के ग्रुप CEO और डायरेक्टर सुनील शाह के मुताबिक जिस कैटेगरी के लिए अधिक शेयर आरक्षित होंगे, उसमें शेयर मिलने के चांसेज बढ़ते हैं
ऐसे में आम निवेशकों को IPO में पैसे लगाते समय रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी को ध्यान से देखना चाहिए
ऐसे में आम निवेशकों को IPO में पैसे लगाते समय रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी को ध्यान से देखना चाहिए
रिटेल कैटेगरी में 2 लाख रुपये तक का ही निवेश हो सकता है जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 2 लाख रुपये से अधिक
रिटेल कैटेगरी में 2 लाख रुपये तक का ही निवेश हो सकता है जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 2 लाख रुपये से अधिक
वहीं QIB में Mutual Funds, पेंशन फंड्स, FIIs और प्रोविडेंट फंड इत्यादि आते हैं
वहीं QIB में Mutual Funds, पेंशन फंड्स, FIIs और प्रोविडेंट फंड इत्यादि आते हैं
सुनील शाह के मुताबिक पूरे पैसे को सिर्फ अपने ही डीमेट खाते और पैन के जरिए IPO में न लगाएं
सुनील शाह के मुताबिक पूरे पैसे को सिर्फ अपने ही डीमेट खाते और पैन के जरिए IPO में न लगाएं
जब आप एक ही डीमैट और पैन नंबर से 10 लॉट के लिए अप्लाई करते हैं तो इसे एक ही एप्लीकेशन माना जाता है
जब आप एक ही डीमैट और पैन नंबर से 10 लॉट के लिए अप्लाई करते हैं तो इसे एक ही एप्लीकेशन माना जाता है
अगर इसी 10 लॉट को परिवार के सदस्यों के डीमेट और पैन नंबर्स से लगाए जाएं तो यह 10 एप्लीकेशन माना जाएगा
अगर इसी 10 लॉट को परिवार के सदस्यों के डीमेट और पैन नंबर्स से लगाए जाएं तो यह 10 एप्लीकेशन माना जाएगा
कुछ निवेशक ग्रे मार्केट में प्रीमियम यानी GMP के हिसाब से IPO में पैसे लगाते हैं
कुछ निवेशक ग्रे मार्केट में प्रीमियम यानी GMP के हिसाब से IPO में पैसे लगाते हैं
सुनील शाह का मानना है कि निवेशकों को इस पर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी इसमें उछाल मनमानी हो सकती है ताकि निवेशक IPO को लेकर आकर्षित हो सकें
सुनील शाह का मानना है कि निवेशकों को इस पर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी इसमें उछाल मनमानी हो सकती है ताकि निवेशक IPO को लेकर आकर्षित हो सकें
मार्केट में तेजी का रुझान बना हुआ है तो किसी भी IPO में पैसे लगा दें, मुनाफा मिल ही जाएगा, ऐसा सोचना गलत है
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ओवरऑल मार्केट सेंटिमेंट बुलिश है तो भी किसी IPO में बिना जांचे- परखें पैसे न लगाएं
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