महाकुंभ का स्नान रह जाएगा अधूरा इस मंदिर के दर्शन बिना!

by Roopali Sharma | DEC 27,  2024

Image Credit: Canva

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महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में होने जा रहा है. इस  दौरान एक अद्भुत मंदिर है, जिसका दर्शन श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है

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इस मंदिर का नाम है नागवासुकी. पुराणों की रहस्यमयी कहानियों में नागवासुकी का नाम अद्भुत चमत्कारों और अनोखी घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है

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नागवासुकी को सर्पराज के रूप में जाना जाता है.  वासुकी को ही समुद्र मंथन के दौरान देवताओं और असुरों ने रस्सी की तरह  इस्तेमाल किया था

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प्रयागराज के दारागंज मोहल्ले में बना नागवासुकी मंदिर गंगा नदी के किनारे पर स्थित है. नागवासुकी ने अपने फन से भोगवती तीर्थ का निर्माण किया

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नागवासुकी का मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यह एक खास पूजा और तंत्र-मंत्र का भी केन्द्र है

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नागपंचमी के दिन इस मंदिर में मेले का आयोजन होता है, जहां लोग चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित कर कालसर्प दोष से मुक्ति प्राप्त करने का  प्रयास करते हैं

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संगम स्नान के बाद नागवासुकी के दर्शन करने की परंपरा है. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है

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यहां पूजा करने से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव होते हैं. साथ ही, उन्हें भौतिक और मानसिक शांति का अनुभव  होता है

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साल 2025 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन 13  जनवरी से किया जा रहा है. जहां स्थित नागवासुकी मंदिर में दर्शन किये बिना  संगम स्नान अधूरा माना जाता है

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