by Roopali Sharma | SEP 25, 2024
इस साल 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का विधिपूर्वक पूजन किया जाता है और इस दौरान माता से सुख-शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद मांगा जाता है
इस दौरान माता का विशेष रूप से शृंगार भी किया जाता है. यदि आपके घर माता रानी की मूर्ति है तब तो बताई गई विधि से आप आसानी से उनका शृंगार कर सकते हैं
मां दुर्गा का हर दिन अलग-अलग वस्त्रों के साथ श्रृंगार किया जाता है. आइए जानते हैं माता के श्रृंगार में किन चीजों का होना जरूरी होता है
मां दुर्गा को मेहंदी अतिप्रिय मानी जाती है, इसलिए उनके श्रृंगार के दौरान मेहंदी का प्रयोग किया जाना आवश्यक होता है. मेहंदी को खुशियों का प्रतीक भी माना जाता है
चैत्र नवरात्रि में माता के श्रृंगार के लिए भी लाल रंग की चूड़ी और लाल रंग की बिंदिया का श्रृंगार में उपयोग किया जाता है
आपने अगर मां दुर्गा की घटस्थापना की है तो उनके श्रृंगार के दौरान काजल का प्रयोग भी आवश्यक तौर पर किया जाना चाहिए
मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का श्रृंगार करते समय उन्हें पायल और झुमके भी अर्पित किए जाते हैं. मान्यता है कि इन चीजों को चढ़ाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं
मां दुर्गा को वस्त्रों में लाल चुनरी विशेष प्रिय मानी जाती है. ऐसे में उनका सोलह श्रृंगार करते वक्त लाल चुनरी को चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है
इसके अलावा सोलह श्रृंगार में गजरा, झुमके, बिछिया, कमरबंद आदि भी चढ़ाए जाते हैं. मां का सोलह श्रृंगार नियमित रूप से करने से घर में सुख-शांति स्थापित होने लगती है