Amitabh Bachchan: सरकारी वकील उज्ज्वल निकम द्वारा 26/11 आतंकी हमले की सुनवाई के दौरान अजमल कसाब द्वारा दिए गए एक बयान को याद करने के बाद अमिताभ बच्चन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। निकम ने कहा कि कसाब ने दावा किया था कि वह बच्चन से मिलने मुंबई आया था, जिस पर अभिनेता ने कहा, "वही हम गोली मार देते थे।"
अमिताभ बच्चन ने कसाब की फांसी के बारे में पूछा
यह बातचीत कौन बनेगा करोड़पति 18 के विशेष एपिसोड प्रहार द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम के दौरान हुई। शो में निकम के साथ राजकुमार राव और वामिका गब्बी भी शामिल हुए। 26/11 मामले पर चर्चा करते हुए बच्चन ने निकम से पूछा कि कसाब को फांसी देने में लगभग चार साल क्यों लगे। "उसे तो वही गाड़ देना चाहिए था। इतना वक्त क्यों लगा?" निकम ने तब आतंकवादी अजमल कसाब से पहली बार अदालत में मुलाकात को याद किया। अजमल कसाब जब कोर्ट में आया तो वो मुझे घूर के देख रहा था, मैं उसे देख रहा था।"
कसाब ने कहा कि वह अमिताभ बच्चन से मिलने आया था
निकम ने याद किया कि कसाब ने मामले के दौरान अपनी गिरफ्तारी और पहचान के बारे में कई दावे किए थे। अभियोजक के अनुसार कसाब ने शुरू में दावा किया कि उसे 26/11 के हमलों के सिलसिले में गिरफ्तार नहीं किया गया था और इसके बजाय उसने कहा कि उसे 6 नवंबर को जुहू चौपाटी पर गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद निकम ने कसाब द्वारा दिए गए एक और बयान को याद किया। उन्होंने कहा कि आरोपी ने उन्हें बताया कि वह अमिताभ बच्चन को देखने के लिए मुंबई आया था। निकम ने बच्चन से कहा- आपको ताज्जुब होगा जो आगे उसने कहा था कि मैं तो अमिताभ जी को देखने आया था। ये सच में हुआ है।"इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कहा- "नहीं, सर अगर वो आया होगा तो वो हमारे घर से जाने वाला नहीं था। वहीं हम गोली मार देते थे।"
कसाब ने यह भी दावा किया कि वह नाबालिग है
उज्ज्वल निकम ने मुकदमे के दौरान कसाब द्वारा किए गए अन्य दावों को भी याद किया। उनके अनुसार कसाब ने दावा किया कि वह नाबालिग है और आरोप लगाया कि RAW ने उसे गिरफ्तार किया है। उसकी उम्र के बारे में किए गए दावे ने मामले में एक और कानूनी मुद्दा खड़ा कर दिया, क्योंकि कार्यवाही को आगे बढ़ाने से पहले उसकी उम्र तय करना जरूरी था।
यह बातचीत KBC 18 के उस खास एपिसोड का हिस्सा थी, जो उज्ज्वल निकम और 26/11 के ट्रायल पर आधारित था। राजकुमार राव 'प्रहार द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम' फिल्म में उज्ज्वल निकम का किरदार निभा रहे हैं और इस फिल्म में वामिका गब्बी भी हैं।
आतंकवादी अजमल कसाब 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान पकड़ा गया एकमात्र जीवित हमलावर था। सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने इस मामले में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व किया। यह मामला 2009 में शुरू हुआ और 2010 में कसाब को दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई। उसे 2012 में फांसी दी गई।