भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक से निवेशकों को बाजार की चाल समझने में मदद मिलती है। BSE पर 30 बड़ी कंपनियों
के इंडेक्स को सेंसेक्स कहा जाता है। सेंसेक्स BSE का प्रमुख सूचकांक है, जिसमें 30 ब्लू-चिप कंपनियां शामिल हैं। यह
फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के तरीके से कैलकुलेट होता है।
निफ्टी 50 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की टॉप 50 कंपनियां शामिल हैं। निफ्टी 50, NSE पर 50 लार्जकैप कंपनियों को
रीप्रेजेंट करता है, मसलन रिलायंस, HDFC बैंक और TCS। यह बाजार के 65% से अधिक कैप को कवर करता है। इन सूचकांक की
ग्रोथ इकोनॉमी की सेहत, कॉर्पोरेट कमाई और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करती है। निफ्टी 200 लार्ज और मिडकैप कंपनियों
को कवर करता है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 मध्यम आकार की फर्मों पर फोकस करता है।
सेंसेक्स BSE का प्रमुख सूचकांक है, जिसमें 30 ब्लू-चिप कंपनियां शामिल हैं। यह फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन विधि से कैलकुलेट होता है और 1979 से चले आ रहा है।
निफ्टी 50 में कौन सी कंपनियां हैं?
निफ्टी 50 NSE पर 50 लार्जकैप कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे रिलायंस, HDFC बैंक और TCS। यह बाजार के 65% से अधिक कैप को कवर करता है और जब भी बाजार खुला रहता है ये अपडेट होता है।
निफ्टी 200 की क्या अहमियत है?
निफ्टी 200 लार्जकैप और मिडकैप कंपनियों (200 तक) को ट्रैक करता है, जो डायवर्सिफिकेशन देता है। यह ETF और फ्यूचर्स के लिए आधार है, बाजार के प्रदर्शन को विस्तार से बताता है।
इंडेक्स को क्या प्रभावित करता है?
आर्थिक डेटा मसलन GDP और मुद्रास्फीति, ब्याज दरें, FII प्रवाह, वैश्विक बाजार में होने वाली घटनाएं जैसे US Fed के फैसले, क्रूड ऑयल प्राइस के साथ घरेलू नीतियां शामिल हैं। कोविड या चुनाव जैसे इवेंट्स में तेज बदलाव आते हैं ।
इंडेक्स में निवेश कैसे करें?
इंडेक्स फंड, ETF या डेरिवेटिव्स के जरिए। ये कम लागत वाले और डायवर्सिफाई होते हैं। अगर आप कम रिस्क के साथ लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो SIP के जरिए निवेश कर सकते हैं।