UP Budget 2026: चुनावी साल से पहले योगी सरकार आज पेश करेगी अपना अंतिम बजट; किसान, महिला और युवाओं को मिल सकती हैं बड़ी सौगातें

UP Budget 2026: चुनावी साल से पहले योगी सरकार आज पेश करेगी अपना अंतिम बजट; किसान, महिला और युवाओं को मिल सकती हैं बड़ी सौगातें

UP Budget 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को सर्वसमावेशी बताया है। सीएम ने इसे 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट बताया है। इसमें सुशासन, विकास और जनकल्याण पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। अब देखना यह होगा कि 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगे, तो उत्तर प्रदेश की जनता की झोली में क्या-क्या आता है

Feb 11, 2026 11:12 AM
बजट वर्ड क्लाउड
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बजट कासफरनामा

क्या बजट भाषण का कोई स्ट्रक्चर होता है?

बजट भाषण को दो हिस्सों में बांटा गया है। ये हिस्से हैं A और B। बजट के पहले हिस्से में अर्थव्यवस्था की स्थिति, नीतियों की जानकारी, खर्च और राजकोषीय घाटे के बारे में बताया जाता है। जबकि B पार्ट में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स शामिल होते हैं। अंतरिम बजट में सामान्य तौर पर इनकम टैक्समें कोई खास बदलाव नहीं होता है। सालों से वित्त मंत्री ने अंतरिम बजट पर अर्थव्यवस्था के सुधारों और नीतियों पर सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करती है।

डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स

सरकार की इनकम का मुख्य स्रोत टैक्स होता है, जिसे दो हिस्सों में बांटा जाता है-डायरेक्ट और इनडायरेक्ट। डायरेक्ट टैक्स सीधे आम लोगों और कंपनियों से वसूला जाता है। पर्सनल इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स डायरेक्ट टैक्स के सबसे बड़े स्रोत हैं। इनडायरेक्ट टैक्स गुड्स और सर्विसेज पर लगाया जाता है। इन्हें कंज्यूमर तक चुकाता है जब वह कोई सामान या सेवा खरीदता है। जब कोई चीज विदेश से देश में आयात की जाती है तो उस पर कस्टम ड्यूटी लगती है।

यूनियन बजट के क्या मायने हैं?

यह सरकार के वित्तीय हिसाब-किताब का व्यापक लेखाजोखा है। इसमें सरकार के रेवेन्यू और एक्सपेंडिचर का पूरा ब्योरा होता है। खत्म हो रहे वित्त वर्ष के वास्तविक आंकड़े (संशोधित अनुमान) और अगले साल के अनुमानित आंकड़े (बजट अनुमान) इसमें शामिल होते हैं।

कस्टम्स ड्यूटी क्या होती है?

यह एक तरह की लेवी है जिसे देश में आयात और निर्यात होने वाली चीजों पर लगाया जाता है। इसका पेमेंट आयातक और निर्यातक की तरफ से किया जाता है।

केंद्रीय बजट क्या है?

यूनियन बजट में बतौर एक देश भारत की सालाना रिपोर्ट होती है। इसमें एक खास वित्त वर्ष के आखिर में सरकार के रेवेन्यू और एक्सपेंडिचर की जानकारी होती है। वित्त वर्ष की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है और यह 31 मार्च को खत्म होता है। यूनियन बजट सरकार के फाइनेंस का सबसे व्यापक दस्तावेज (Document) है। इसमें सभी स्रोतों से होने वाले वाले रेवेन्यू और सभी एक्टिविटीज पर होने वाले खर्च का जोड़ शामिल होता है। इसमें रेवेन्यू बजट और कैपिटल बजट होता है। इसमें अगले वित्त वर्ष के अनुमान भी शामिल होते हैं।

वित्त विधेयक किसे कहते हैं?

बजट पेश होने के तुरंत बाद वित्त विधेयक (Finance Bill) संसद में पेश किया जाता है। इसमें बजट में घोषित टैक्स के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव शामिल होते हैं।

Budget 2026: इस साल बजट से क्या-क्या है डिमांड?

1. इस बार Union Budget में बढ़ सकता है Standard Deduction

सरकार सैलरी क्लास को राहत देने के लिए यूनियन बजट में Standard Deduction बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में यह 50,000 रुपए है, जबकि नई टैक्स रीजीम में 75,000 रुपये है। 2024 के यूनियन बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने का ऐलान किया था।

2. इनकम टैक्स में मिडिल क्लास को मिल सकती है बड़ी राहत

मिडिल क्लास इस बार भी इनकम टैक्स में छूट का दायरा बढ़ने की उम्मीद कर रहा है। पिछले साल बजट में सरकार ने पुराने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया था लेकिन नए इनकम टैक्स स्लैब में इनकम टैक्स छूट का दायरा बढ़ाकर 12 लाख रुपए सालाना कर दिया था। इस बार टैक्सपेयर्स उम्मीद कर रहे हैं कि इसे बढ़ाकर 14 लाख रुपए कर दिया जाए।  

3. किसान सम्मान निधि की रकम 6000 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए करने की मांग

नरेंद्र मोदी सरकार इस बार किसान सम्मान निधि की रकम बढ़ाकर 8000 रुपए कर सकती है। बजट 2024 में इसका अनुमान लगाया गया था। 2019 में पहली बार पीएम किसान सम्मान निधि का ऐलान किया गया था। उसके बाद से इसकी रकम नहीं बढ़ाई गई है। फिलहाल इस स्कीम के तहत किसानों को हर साल 6000 रुपए मिलते हैं। सरकार 2000-2000 रुपए की तीन किस्तों में यह पैसा सीधे किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर करती है।

4. कैपिटल गेंस टैक्स के मौजूदा नियमों में बदलाव की डिमांड

शेयर मार्केट से जुड़े पार्टिसिपेंट्स उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री इस बार कैपिटल गेंस टैक्स में कमी ला सकती हैं। सरकार ने पिछली बार कैपिटल गेन टैक्स के नियमों में 2024 के बजट में बदलाव किया था। इसे और आसान बनाए जाने की जरूरत है। 

5. PM-Kisan सम्मान निधि

लागत और महंगाई को देखते हुए किसानों को उम्मीद है कि सालाना ₹6,000 की राशि को बढ़ाकर ₹8,000 से ₹10,000 किया जा सकता है।

6. कृषि ऋण

किसानों को साहूकारों से बचाने के लिए सस्ते कृषि ऋण (Agri-Credit) का लक्ष्य ₹20 लाख करोड़ से ऊपर ले जाने की संभावना है।

7. GST में राहत

खाद, कीटनाशक और कृषि उपकरणों पर GST की दरों को कम करने की मांग जोर पकड़ रही है।