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Gajab Raat Review: गहरी काली 'गजब रात' में छिपे कई काले राज, मनोज बाजपेई ने थ्रिलर में फूंकी जान

Gajab Raat Review: रितेश शाह की दिल्ली पर बेस्ड यह शानदार थ्रिलर फिल्म में मनोज बाजपेयी लीड किरदार में हैं। इसमें भ्रष्टाचार, साजिश और तीखे तंज का तड़का है। साथ ही कलाकारों की एक बेहतरीन टीम भी शामिल है।

Manushri Bajpaiअपडेटेड Oct 23, 2026 पर 5:10 PM
Gajab Raat Review: गहरी काली 'गजब रात' में छिपे कई काले राज, मनोज बाजपेई ने थ्रिलर में फूंकी जान
नीरज पांडे द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म एक बेहतरीन मिस्ट्री थ्रिलर है, जो सिर्फ एक रात में घटती है।

Gajab Raat Review: हम काफी समय से नीरज पांडे की फिल्म जैसी थ्रिलर का इंतजार कर रहे थे। एक ऐसी फिल्म जो एक बहुत ही साधारण सी लगने वाली कहानी से आपको बांध ले और फिर हर नए खुलासे के साथ सस्पेंस को और गहरा करती जाए। रितेश शाह के निर्देशन में बनी फिल्म 'गजब रात' (जिसका पुराना नाम 'घूसखोर पंडित' था) बिल्कुल ऐसा ही अनुभव देती है।

नीरज पांडे द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म एक बेहतरीन मिस्ट्री थ्रिलर है, जो सिर्फ एक रात में घटती है। कहानी तब शुरू होती है जब दिल्ली की सड़कों पर एक अनजान युवती लहूलुहान और बुरी तरह घायल हालत में मिलती है और एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी सरकारी तंत्र की खींचतान में फंस जाता है। मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा, मेघना अग्रवाल, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय और अन्य कलाकारों से सजी यह फिल्म चालाकी से भरी है। इसमें बीच-बीच में कॉमेडी भी है। यह शुरू से अंत तक भरपूर मनोरंजन करती है।

फिल्म की कहानी

यह कहानी लगभग पूरी तरह से एक ही रात के दौरान घटती है। इसकी शुरुआत दिल्ली के कनॉट प्लेस के बीचों-बीच एक होटल में की गई छापेमारी से होती है। इस छापेमारी का नेतृत्व अजय निर्वित (मनोज बाजपेयी) करते हैं, जो एक कुख्यात और भ्रष्ट पुलिसकर्मी हैं। दिल्ली पुलिस उन्हें 'गिरगिट' (Chameleon) कहकर बुलाती है। उनके करियर में कई बार सस्पेंशन, डिमोशन और संदिग्ध आचरण देखने को मिले हैं। और हां, उन पर औरतों के पीछे भागने (womaniser होने) का भी आरोप है।

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