Hanuman Ansh Box Office Collection Day 52: विशाल चतुर्वेदी की 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने सिनेमाघरों मे 50 से ज्यादा दिन का सफर पूरा कर लिया है। रिलीज के 52वें दिन फिल्म ने 400 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। चलिए इसके कलेक्शन पर एक नजर डालते हैं।
इस स्पिरिचुअल ड्रामा फिल्म ने सिनेमाघरों में 52 दिन पूरे कर लिए हैं। अब दुनिया भर में इसकी कुल कमाई (ग्रॉस कलेक्शन) 400 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। भारत में फिल्म की नेट कमाई 300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। फिल्म की कमाई में आठवें रविवार को उछाल देखा गया।
Sacnilk के अनुसार 'हनुमान अंश' ने 52वें दिन भारत में 9.00 करोड़ रुपये (नेट) कमाए, जबकि शनिवार को यह कमाई 6.50 करोड़ रुपये (नेट) थी। यह नया आंकड़ा पिछले दिन की तुलना में 38.5% की बढ़ोतरी दिखाता है। रविवार को 4,387 शो में फिल्म की कुल ऑक्यूपेंसी 46.0% रही। शनिवार को 3,979 शो में ऑक्यूपेंसी 37.0% थी।
हालिया कमाई के बाद 'हनुमान अंश' ने भारत में कुल 307.03 करोड़ रुपये (नेट) कमाए हैं। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 362.70 करोड़ रुपये है। फिल्म के हिंदी 2D वर्शन ने रविवार को कुल मिलाकर 53.33% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में 30.54% ऑक्यूपेंसी रही, जबकि दोपहर के शो में यह आंकड़ा बढ़कर 60.38% हो गया। शाम के शो में दिन की सबसे ज्यादा 75.00% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, और रात के शो में यह 47.38% रही।
फिल्म के शो की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को 4,387 शो हुए, जबकि एक दिन पहले 3,979 शो हुए थे। भारत में 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों में 38.50 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 401.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
'हनुमान अंश' आठ वीक्स से सिनेमाघरों में लगी हुई है। पहले सात हफ्तों में इसका भारत में नेट कलेक्शन कुछ ऐसा रहा- पहले वीक में 1.08 करोड़ रुपये, दूसरे वीक में 40 लाख रुपये, तीसरे वीक में 10.40 करोड़ रुपये, चौथे वीक में 61 करोड़ रुपये, 5वें वीक में 90.25 करोड़ रुपये, 6वें हफ्ते में 80.25 करोड़ रुपये और सातवें हफ्ते में 44.80 करोड़ रुपये। फिल्म अभी अपने आठवें हफ्ते में चल रही है।
'हनुमान अंश' हिंदी भाषा की एक आध्यात्मिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें शोभिनव सत्या और विहान शेडगे मुख्य भूमिकाओं में हैं। विशाल चतुर्वेदी ने इस फिल्म को लिखा और डायरेक्ट किया है। आजादी से पहले के भारत पर आधारित यह फिल्म लक्ष्मी नारायण के शुरुआती जीवन की कहानी है। अपनी मां को खोने के बाद, वह छोटा लड़का घर छोड़ देता है और ईश्वर की तलाश में उत्तर भारत की यात्रा पर निकल पड़ता है। रास्ते में उसे कई ऐसे अनुभव होते हैं जो उसकी यात्रा को आकार देते हैं और आखिरकार उसे नीम करौली बाबा में बदल देते हैं।