Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर सात दिन पहले हुई गोलीबारी के मामले में 22 वर्षीय एक इंजीनियर को इंदौर में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मुंबई पुलिस ने सूरत से दो हथियार बरामद किए हैं जिनका कथित इस्तेमाल इस घटना को अंजाम देने में किया गया था। पुलिस सूत्रों ने यह भी दावा किया कि 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने के बाद भागने वाले हमलावरों को, न्यूज चैनलों की कवरेज से पुलिस जांच के बारे में अपने 'आकाओं' से पल-पल की जानकारी मिल रही थी, जिससे उन्हें अपने भागने के रास्ते बदलने में मदद मिली।
इंदौर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने पत्रकारों को बताया कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात इस मामले में स्थानीय पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद संयुक्त अभियान चलाकर 22 वर्षीय इंजीनियरिंग ग्रेजुएट प्रांजल ठाकरान को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, इस मामले में गिरफ्तार किये गए लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
दंडोतिया ने बताया कि प्रांजल ठाकरान मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह पांच दिन पहले अपने लकवाग्रस्त भाई के इलाज के सिलसिले में इंदौर आया था। पुलिस को संदेह है कि उसने हमले में शामिल शूटरों और मुख्य साजिशकर्ताओं को साजोसामान के साथ-साथ वित्तीय, या घटना को अंजाम देने में मदद मुहैया की। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही। उसे गिरफ्तार करके ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस ने सूरत में एक ठिकाने पर छापेमारी की और दो हथियार बरामद किया। इनका इस्तेमाल कथित तौर पर गोलीबारी में किया गया था। इस दौरान 10 कारतूस बरामद किए। इससे पहले, पुलिस ने हमलावरों को उपलब्ध कराए गए हथियारों की आपूर्ति की पूरी कड़ी का पता लगाया था। बरामद किए गए हथियारों और गोला-बारूद को फोरेंसिक जांच और बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि उनका मिलान घटनास्थल से मिले खोखों से किया जा सके।
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम दो हमलावरों ने श्रॉफ की कार पर कई गोलियां चलाई थीं, जिसमें अभिनेता बाल बाल बच गए थे। हालांकि गोलीबारी के दौरान कांच के टुकड़ों से उन्हें चोट लगने की बात सामने आई। इसके बाद कई राज्यों में जांच शुरू की गई। इससे पहले राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा से अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गोलीबारी में श्रॉफ के ड्राइवर और एक राहगीर को चोटें आई थीं।
लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क की कड़ी खंगाल रही पुलिस
जांच एजेंसियों को संदेह है कि प्रांजल ठाकरान ने कथित तौर पर हमलावरों और साजिश में शामिल अन्य लोगों को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई थी। इसमें संपर्क बनाए रखना, संसाधनों का इंतजाम करना और हमले से जुड़े लोगों के बीच समन्वय स्थापित करना शामिल हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई करने वाले लोगों से कोई संबंध था या नहीं। जांच के दौरान सामने आए सुरागों के आधार पर एजेंसियां कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, प्रांजल के खिलाफ इन आरोपों को अभी जांच के दायरे में मौजूद आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
हरियाणा के सोनीपत से जुड़े कई आरोपी
इस मामले की जांच में हरियाणा के सोनीपत जिले से जुड़े आरोपियों की संख्या भी चर्चा का विषय बनी हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से छह से सात आरोपी सोनीपत से संबंधित बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन लोगों के बीच पहले से कोई संगठित संपर्क था और क्या किसी ने हमलावरों को हथियार, ठिकाना या अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई थी। पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित नेटवर्क में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी। किसी आरोपी का किसी दूसरे आरोपी से संपर्क होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता। इसके लिए पुलिस को संबंधित साक्ष्य जुटाने होंगे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम कैसे आया?
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और कथित ऑडियो क्लिप के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति का उल्लेख किया गया है, जिसे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया है। पुलिस इस दावे की प्रामाणिकता, हमले के संभावित मकसद और आरोपियों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। किसी व्यक्ति या गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में उसकी संलिप्तता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। इस मामले में जांच एजेंसियों को दावों की पुष्टि स्वतंत्र साक्ष्यों से करनी होगी।