10वीं क्लास में शुरू किया शहद का बिजनेस, आज ₹40 लाख की कंपनी का मालिक है यह हिमाचली लड़का

Success Story: शिमला के निक्षय चौहान ने जब 10वीं क्लास में पढ़ाई के दौरान शहद बेचने का काम शुरू किया था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह एक दिन शानदार मुकाम हासिल करेंगे। कोविड के मुश्किल दौर में खुद बैग उठाकर घर-घर डिलीवरी करने वाले निक्षय के स्टार्टअप का टर्नओवर आज ₹40 लाख तक पहुंच चुका है। आखिर कैसे तय किया उन्होंने यह सफर? जानिए पूरी कहानी

अपडेटेड Oct 14, 2026 पर 11:52 AM
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उनका बिजनेस लोकल हिमाचली प्रोड्यूस और नेचुरल चीजों पर फोकस करता है

Natural Honey Business: हिमाचल प्रदेश के शिमला के रहने वाले निक्षय चौहान ने 10वीं क्लास में अपना बिजनेस शुरू किया था। उस समय उनके पास न तो किसी बड़ी कंपनी का सेटअप था और न ही बिजनेस चलाने का ज्यादा अनुभव था। उन्होंने शहद से शुरुआत की, अपने स्कूल टीचरों से फीडबैक लिया और फिर धीरे-धीरे ऑर्डर आने लगे। आज निक्षय का बिजनेस शहद से आगे बढ़कर जैम, चटनी और दूसरे पहाड़ी प्रोडक्ट्स तक फैल गया है। उनके मुताबिक, पिछले साल उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग ₹40 लाख था।

मां के नाम पर शुरू की कंपनी

निक्षय ने अपने ब्रांड का नाम Himrus Natural रखा। कंपनी का रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज उनकी मां के नाम पर हैं। निक्षय बताते हैं कि उन्होंने शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल में पढ़ाई के दौरान शहद से अपना काम शुरू किया था। उन्होंने सबसे पहले अपने स्कूल के शिक्षकों को शहद के सैंपल दिए। वहां से अच्छा फीडबैक मिला और धीरे-धीरे प्री-ऑर्डर आने लगे।


इसी बीच कोविड महामारी का दौर शुरू हो गया। उस समय कारोबार चलाना आसान नहीं था। गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित होने पर निक्षय खुद बैग लेकर घर-घर सामान पहुंचाने निकल पड़ते थे। कई बार उन्हें पैदल चलकर डिलीवरी करनी पड़ती थी। इस तरह उन्होंने शुरुआती दिनों में ही प्रोडक्ट बेचने के साथ ग्राहकों तक सामान पहुंचाने की चुनौती को भी समझा।

शहद के बाद जैम और चटनी बनाने की ली ट्रेनिंग

निक्षय ने 12वीं क्लास में फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग ली। इसके बाद, उनके प्रोडक्ट्स में जैम, चटनी और जूस भी शामिल हो गए। उनका बिजनेस लोकल हिमाचली प्रोड्यूस और नेचुरल चीजों पर फोकस करता है। हालांकि, सभी प्रोडक्ट्स हर समय अवेलेबल नहीं होते हैं, और कई अभी आउट ऑफ स्टॉक हैं।

अलग-अलग फूलों से तैयार होता है शहद

निक्षय बताते हैं कि उनके ब्रांड के लिए शहद सीधे मधुमक्खी पालकों से लिया जाता है। शहद का स्वाद, रंग और दूसरी खासियतें उन फूलों पर निर्भर करती हैं जिनसे मधुमक्खियां रस इकट्ठा कर रही हैं। इसीलिए अलग-अलग फूलों से मिलने वाला शहद अलग-अलग होता है।

कारोबार में टर्नओवर से ज्यादा कैश फ्लो पर जोर

निक्षय के मुताबिक, पिछले साल GST रिकॉर्ड में उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग ₹40 लाख था। उनका मानना ​​है कि किसी बिजनेस की हेल्थ का अंदाजा सिर्फ टर्नओवर से नहीं लगाया जा सकता। समय पर फंड का आना और रोज के खर्चों को मैनेज करने की क्षमता भी बिजनेस ग्रोथ के लिए जरूरी है। उनका कहना है कि अगर सेल्स हो रही हैं लेकिन पेमेंट समय पर नहीं मिल रही है, तो बिजनेस चलाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए, किसी भी एंटरप्रेन्योर के लिए कैश फ्लो पर नजर रखना बहुत जरूरी है।

रिपोर्ट: शुभांगी तिवारी 

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