Chandni Chowk Town Hall: पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। चांदनी चौक स्थित लगभग 160 साल पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को अब एक विशाल 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर' के तौर पर विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत इस पूरे परिसर की कायापलट की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुरानी दिल्ली की अनमोल धरोहर को संरक्षित करते हुए इस जगह को आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ और उपयोगी बनाना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत, टाउन हॉल कॉम्प्लेक्स में म्यूजियम, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका मतलब है कि आने वाले लोगों को दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और पुरानी दिल्ली की विरासत को करीब से जानने का मौका एक ही जगह पर मिलेगा।
12180 वर्ग मीटर में फैले परिसर का जानिए इतिहास
यह पूरा टाउन हॉल कॉम्प्लेक्स करीब 12180 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। मुख्य टाउन हॉल भवन के अलावा इस पूरे परिसर में एक प्रेस बिल्डिंग और एक हरा-भरा पार्क भी शामिल है। स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व की वजह से यह कॉम्प्लेक्स एक ग्रेड-I हेरिटेज प्रॉपर्टी के रूप में लिस्टेड है। इस ऐतिहासिक इमारत को ब्रिटिश काल के दौरान वर्ष 1860 से 1866 के बीच बनाया गया था।
आजादी के बाद लंबे समय तक यह इमारत दिल्ली नगर निगम (MCD) के मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल होती रही। साल 2010 में एमसीडी का मुख्यालय यहां से स्थानांतरित होकर मिंटो रोड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में चला गया। इसके बाद से ही इस पूरे परिसर का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय से खाली पड़ा हुआ था।
ऐतिहासिक ढांचे को बिना नुकसान पहुंचाए इसे नए और आधुनिक इस्तेमाल के हिसाब से बनाया जाएगा ताकि इसकी वास्तुकला और विरासत भी सुरक्षित रहे और इस खाली पड़ी जगह का जनहित में बेहतर इस्तेमाल भी हो सके। परिसर के भीतर म्यूजियम बनाने के साथ-साथ कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों और हेरिटेज टूरिज्म से जुड़े केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
चांदनी चौक में हेरिटेज टूरिज्म को लगेंगे पंख
पुरानी दिल्ली का चांदनी चौक क्षेत्र पहले से ही देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र है। इसके आसपास विश्व प्रसिद्ध लाल किला, ऐतिहासिक जामा मस्जिद और चहल-पहल से भरे पारंपरिक बाजार मौजूद हैं। ऐसे में टाउन हॉल को ग्लोबल हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित किए जाने से इस पूरे क्षेत्र के हेरिटेज टूरिज्म को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत सर्वे करने और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही निर्माण और विकास कार्यों से जुड़ी भविष्य की कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे प्रयास का लक्ष्य टाउन हॉल की ऐतिहासिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए उसे आधुनिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।
(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)