5 Modern Fish Farming Tricks: मछली पालन सिर्फ शौक नहीं है यह एक ऐसा बिजनेस आइडिया है, जो कमाई के साथ आत्मनिर्भरता भी देता है। खास बात यह है कि तकनीक ने इसे और भी आसान बना दिया है। पहले मछली पालन के लिए जहां तालाब होना जरूरी था, वहीं अब बदलती तकनीक के साथ किसान कम जगह, कम पानी और नियंत्रित माहौल में भी मछली पालन कर सकते हैं। तकनीक की वजह से अब इस कारोबार को छोटे किसान भी अपना रहे हैं।
खास बात यह है कि एक कारोबार के तौर पर मछली पालन सही तकनीक का चुनाव, पानी की उपलब्धता, जगह, निवेश और बाजार की मांग के हिसाब से करने पर अच्छा मुनाफा दे सकता है। मछली पालन के लिए अब कई प्रमुख तकनीक हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है।
जैव फ्लॉक तकनीक : मछली पालन की यह तकनीक कम पानी और सीमित जगह में अपना व्यवसाय शुरू करने की आजादी देती है। प्रगतिशील किसान मोर मुकुट सिंह ने लोकल 18 को बताया कि जैव फ्लॉक तकनीक मछली पालन का आधुनिक तरीका है। इस तकनीक में पानी में लाभकारी सूक्ष्मजीव विकसित किए जाते हैं, जो मछलियों के अपशिष्ट पदार्थों को जैविक पदार्थ में बदलने में मदद करते हैं। इसे मछलियां भोजन के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे पानी को बार-बार बदलने की जरूरत कम होती है और सीमित जगह में अधिक मछलियों का पालन संभव होता है। हालांकि इसके लिए पानी की गुणवत्ता, ऑक्सीजन और तकनीकी प्रबंधन पर लगातार ध्यान देना जरूरी है।
केज कल्चर : केज कल्चर में मछलियों को जाल से बने बड़े पिंजरों में रखा जाता है। इन्हें झील या जलाशयों में लगाया जा सकता है। मछलियां पिंजरे के अंदर रहती हैं, जबकि पानी का प्राकृतिक बहाव बना रहता है। इस तकनीक में उपलब्ध प्राकृतिक भोजन और पानी के प्रवाह का फायदा मिलता है। बड़े जलाशयों वाले क्षेत्रों में यह मछली उत्पादन बढ़ाने का एक विकल्प बन सकता है।
रिसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम : मछली पालन की यह तकनीक पानी के बेहतर इस्तेमाल से प्रेरित है। इसमें पानी को फिल्टर करके दोबारा मछली पालन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आरएसएस में पानी की सफाई और गुणवत्ता को नियंत्रित रखने के लिए अलग-अलग फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाते हैं। यह तकनीक पानी की कम उपलब्धता वाले क्षेत्रों और सीमित जगह में उपयोगी हो सकती है। नियंत्रित वातावरण के कारण मछलियों की निगरानी भी आसान रहती है।
इंटीग्रेटेड मछली पालन : यह मछली पालन, खेती और पशुपालन का संयोग है। किसान धान की खेती, मुर्गी, बत्तख या बकरी पालन के साथ मछली पालन कर सकते हैं। इस तरह खेत, पशुपालन और मछली पालन को जोड़कर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
Credits: दीपेंद्र कुमावत/जयपुर