Adani Group: जयपुर एयरपोर्ट के नीचे मेट्रो टनल बनाएगा अदाणी ग्रुप! ₹921 करोड़ के प्रोजेक्ट में निकला सबसे आगे

Jaipur Metro Line 2 Adani Group: जयपुर मेट्रो लाइन-2 के अंडरग्राउंड विस्तार को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। टोंक रोड से जयपुर एयरपोर्ट के नीचे तक बनने वाली इस ट्विन टनल और अंडरग्राउंड स्टेशनों के प्रोजेक्ट में अदाणी ग्रुप की कंपनी 'सेमइंडिया प्रोजेक्ट्स' ₹921 करोड़ की सबसे कम बोली लगाकर सबसे आगे निकल गई है। आखिर इस मेगा प्रोजेक्ट में क्या-क्या खास बनेगा? जानिए

अपडेटेड Oct 18, 2026 पर 1:29 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस टेंडर के तहत टोंक रोड पर पिंजरापोल गोशाला से लेकर B2 बाईपास चौराहे तक अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा

Jaipur Metro Line 2: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मेट्रो लाइन-2 के अंडरग्राउंड स्ट्रेच को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अदाणी ग्रुप की कंपनी 'सेमइंडिया प्रोजेक्ट्स लिमिटेड' इस अंडरग्राउंड रूट के निर्माण का टेंडर हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे निकल गई है।

जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कंपनी ने ₹921.63 करोड़ की सबसे कम बोली (L1 Bidder) लगाई है। हालांकि अंतिम ठेका जारी होना अभी बाकी है, लेकिन पूरी संभावना है कि यह प्रोजेक्ट अदाणी ग्रुप को ही मिलेगा।

जयपुर एयरपोर्ट के ठीक नीचे से गुजरेगी जुड़वां टनल


इस टेंडर के तहत टोंक रोड पर पिंजरापोल गोशाला से लेकर B2 बाईपास चौराहे तक अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट में कई आधुनिक सिविल निर्माण शामिल हैं।

इसके तहत जयपुर एयरपोर्ट के ठीक नीचे से दो समानांतर सुरंगें बनाई जाएंगी। साथ ही सांगानेर थाना और जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भूमिगत स्टेशन बनेंगे। प्रस्तावित यूनिटी मॉल को ध्यान में रखते हुए जवाहर सर्किल के पास एक अतिरिक्त अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने पर भी विचार चल रहा है।

एयरपोर्ट को पैसेंजर टर्मिनल से जोड़ने के लिए वॉकवे भी है प्रस्तावित

जयपुर मेट्रो प्रशासन लाइन-2 के इस 8.5 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से के लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है, जिससे टोंक रोड पर घनी आबादी और रनवे के नीचे जमीन धंसने का कोई खतरा न रहे।

इसके साथ ही, सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जयपुर एयरपोर्ट स्टेशन को सीधे पैसेंजर टर्मिनल से जोड़ने के लिए सबवे और वॉकवे भी प्रस्तावित है। अगर राज्य कैबिनेट और मेट्रो बोर्ड से अंतिम मंजूरी बिना किसी अड़चन के मिल जाती है, तो टेंडर आवंटित होने के 36 महीनों के भीतर इस अंडरग्राउंड टनल का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।