सड़क पर अचानक कोई गाड़ी या बाधा सामने आने पर ड्राइवर ब्रेक नहीं लगा पाता और टक्कर हो जाती है ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार नई कारों में ऑटोमेटिक ब्रेक वाला सिस्टम जरूरी करने जा रही है। Times Of India के अनुसार अक्टूबर 2030 से आने वाले सभी नए कार मॉडल में यह सिस्टम लगाना जरूरी होगा। जो गाड़ियां अभी बिक रही हैं, उनके लिए कंपनियों को अक्टूबर 2032 तक का समय मिल सकता है।
खतरा देखते ही खुद ब्रेक लगा लेगी आपकी कार
इस सिस्टम को एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) कहते हैं। यह सामने किसी गाड़ी या रुकावट को पहचान लेता है। अगर टक्कर का खतरा लगता है और ड्राइवर ब्रेक नहीं लगाता, तो कार खुद ब्रेक लगा देगी। इससे टक्कर को रोका जा सकेगा या टक्कर का नुकसान कम होगा। यह ड्राइवर की मदद के लिए है, लेकिन फिर भी गाड़ी ध्यान से चलानी होगी।
टैक्सी में भी आएंगे ये नए सेफ्टी फीचर्स
बस-ट्रक के लिए भी सख्त होंगे सेफ्टी नियम
सिर्फ कार ही नहीं, बस और ट्रक के लिए भी नए नियम बनेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2027 से इनके नए मॉडल में ऑटोमेटिक ब्रेक सिस्टम जरूरी हो सकता है। इसके साथ ही ऐसी तकनीक भी होगी जो उन गाड़ियों का पता लगा लेगी जो ड्राइवर को सीधे नहीं दिखतीं। ड्राइवर को नींद आने पर अलर्ट और लेन से बाहर जाने पर चेतावनी जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे।
कार कंपनियों को बदलनी होगी अपनी Technology
अगर यह नियम लागू होता है तो कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों में ये सेफ्टी फीचर्स लगाने होंगे। इसके लिए उन्हें गाड़ियों की तकनीक में बदलाव करना पड़ेगा। हालांकि, इससे जुड़ी आखिरी तारीख और नियमों का पता सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चलेगा।
इस सिस्टम से क्या फायदा मिलेगा?
यह सिस्टम अचानक सामने आई रुकावट को पहचान कर ब्रेक लगा देगा, जिससे हादसे कम हो सकते हैं। लेकिन यह हर हादसे को नहीं रोक सकता, इसलिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना और ध्यान से गाड़ी चलाना जरूरी है। इन बातों का पालन करने से ही इस सिस्टम का पूरा फायदा मिलेगा।