अजमेर: दशहरे पर जब पूरे देश में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलेंगे, तब राजस्थान के अजमेर में जलने वाले पुतलों की कहानी सबसे अलग होगी। सिर्फ उनकी ऊंचाई की वजह से नहीं, बल्कि उन्हें बनाने वाले हाथों की वजह से।अजमेर में एक मुस्लिम परिवार पिछले 5 पीढ़ियों से रावण के पुतले बनाने का काम कर रहा है। ये परिवार हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार बुराई पर अच्छाई की जीत के इस प्रतीक को अपने हुनर से जिंदा रखे हुए है
