स्वदेशी Akash Missile System को विकसित कर भारत की हवाई सुरक्षा को नई ताकत देने वाले वैज्ञानिक Chandramouli Gaddamanugu को Padma Shri 2026 से सम्मानित किया गया है। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, Akash Missile पर काम 1983 में शुरू हुआ था। कई सालों की रिसर्च और टेस्टिंग के बाद आज यह सिस्टम भारतीय वायु सेना और थल सेना की हवाई सुरक्षा की रीढ़ बन चुका है।
Akash Missile जाना जाता है इन खूबियों से
कौन हैं Chandramouli Gaddamanugu?
भारत की रक्षा ताकत बढ़ाने में वैज्ञानिकों का बड़ा हाथ रहा है। ऐसे ही वैज्ञानिक हैं Chandramouli Gaddamanugu। उन्होंने भारत के Akash Missile System को बनाने में बड़ा योगदान दिया है। आज यह भारत की हवाई सुरक्षा का अहम हिस्सा है। चंद्रमौली गड्डामानुगु अपने करियर के 30 साल से ज्यादा समय देश की सुरक्षा को मजबूत करने में लगाया है। उनका पूरा फोकस स्वदेशी तकनीक से भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने पर रहा है। चंद्रमौली गड्डामानुगु Akash Missile System के विकास से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं।
Operation Sindoor se चर्चा में आया Akash System
Akash Missile का नाम Operation Sindoor से जुड़ी खबरों में भी आया था। यह भारत की हवाई सुरक्षा का हिस्सा है और हवाई खतरों से निपटने के लिए इसका इस्तेमाल होता है।
हालांकि, किसी खास मिशन में इस सिस्टम के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी के लिए सरकारी बयानों पर ध्यान देना जरूरी है। Akash जैसे देश में बने रक्षा सिस्टम भारत को अपनी सुरक्षा के लिए खुद की तकनीक पर भरोसा करने में मदद करते हैं।
इस सम्मान से देश को क्या संदेश मिलता है?
Akash Missile जैसे सिस्टम देश में रक्षा तकनीक बनाने की कोशिशों का नतीजा हैं। इनसे देश को अपनी जरूरत के हिसाब से हथियार और सुरक्षा सिस्टम बनाने में मदद मिलती है। Chandramouli Gaddamanugu को मिला Padma Shri सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के उन सभी वैज्ञानिकों के जज्बे का प्रतीक है जो सालों तक पर्दे के पीछे रहकर भारत को मजबूत बनाते हैं। उनका सफर बताता है कि एक बड़ी स्वदेशी तकनीक एक दिन में नहीं बनती, इसके पीछे दशकों की रिसर्च, लगातार सुधार और पूरी टीम की मेहनत होती है।