प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जनजाति (ST) के दर्जे को लेकर अहम बात कही है। कोर्ट ने कहा कि केवल धर्म बदल लेने से किसी व्यक्ति का ST का स्टेटस अपने आप खत्म नहीं हो जाता। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि व्यक्ति की अपनी जनजातीय पहचान और समुदाय से जुड़ाव अभी भी बना हुआ है या नहीं।
