Apollo Hospital Varanasi: यूपी का वाराणसी मेडिकल का बड़ा हब बनता जा रहा है। टाटा कैंसर संस्थान, शंकर नेत्रालय के बाद अब अपोलो अस्पताल का बड़ा केंद्र भी यहां खुलेगा। अपोलो अस्पताल के इस सेंटर में मरीजों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। शहर के बड़ा लालपुर इलाके में 400 बेड वाले इस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण होगा। इसका काम भी शुरू हो चुका है। सिर्फ अपोलो ही नहीं, बल्कि मेदांता ग्रुप भी वाराणसी में हाईटेक अस्पताल खोलने की तैयारी में है।
वाराणसी के बड़ा लालपुर ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के करीब 13 हजार वर्ग मीटर में इस हाईटेक अस्पताल का निर्माण हो रहा है। वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अपोलो मेडिक्स इंटरनेशनल लाइफ साइंस लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 400 बेड के इस अस्पताल के नक्शे पर मुहर भी लगा दी है। इस अस्पताल में डबल बेसमेंट के साथ ग्राउंड फ्लोर सहित 7 फ्लोर हैं। डबल फ्लोर वाले इस बेसमेंट में करीब 400 फोर व्हीलर वाहन खड़े हो सकेंगे।
एक ही छत के नीचे मिलेगा सबकुछ
इस हाईटेक सुपर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जनरल सर्जरी, आईवीएफ सेंटर, मॉडर्न ओटी, आईसीयू सहित लेबोरेटरी, सीटी स्कैन (CT Scan), एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी एडवांस्ड जांच सुविधाएं मरीजों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इस सेंटर में बड़े शहरों के एक्सपर्ट डॉक्टर्स मरीजों का इलाज करेंगे। 400 बेड वाले इस हाईटेक अस्पताल के निर्माण में 189 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
वाराणसी के डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वाराणसी मेडिकल का बड़ा हब बन रहा है। यहां पहले से आईएमएस बीएचयू, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के अलावा अगले साल तक राजकीय मेडिकल कॉलेज भी शुरू हो जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर के कई बड़े अस्पताल भी यहां इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यहां और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल अपोलो अस्पताल के सेंटर का निर्माण यहां हो रहा है। मेदांता ग्रुप के लोग भी यहां इसके लिए जमीन तलाश रहे हैं।
पूर्वांचल और बिहार के मरीजों को सीधा फायदा
इसका फायदा वाराणसी सहित न सिर्फ पूर्वांचल के जिलों को मिलेगा, बल्कि बिहार-झारखंड से नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों का रुख करने वाले मरीज भी वाराणसी में आकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। बता दें कि फिलहाल बीएचयू अस्पताल में हर दिन बिहार और दूसरे राज्यों से हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं।