हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार में 48 फीसदी की गिरावट, जानिए क्यों इस साल मंडियों में आधा भी नहीं पहुंचा सेब

हिमाचल में इस साल सेब का उत्पादन करीब 48 फीसदी घटा है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से फसल को नुकसान हुआ। कम पैदावार और बढ़ती लागत से बागवानों की परेशानी बढ़ी है।

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 5:01 PM
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हिमाचल में सेब की फसल को बड़ा झटका! उत्पादन 48% घटा, किसानों की बढ़ी चिंता

शिमला, 1 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश में इस बार सेब की फसल को खराब मौसम से काफी नुकसान हुआ है। अब तक पिछले साल के मुकाबले करीब 48 फीसदी कम सेब बाजार में पहुंचा है। विभाग को इस बार 10-12 साल में सबसे कम उत्पादन की आशंका है।

पिछले साल इस समय तक करीब 2.18 करोड़ सेब के बक्से बाजार में पहुंचे थे। इस साल यह आंकड़ा घटकर 1.15 करोड़ रह गया है। पिछले साल 7 लाख मीट्रिक टन सेब हुआ था। इस साल यह घटकर 3.5 से 3.75 लाख मीट्रिक टन रह सकता है।

मौसम ने कैसे बिगाड़ा पूरा खेल?


इस साल कई इलाकों में मौसम खराब रहा। बिना मौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से पेड़ों पर लगे सेब खराब हो गए। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से भी फसल को नुकसान हुआ।

शिमला के ऊपरी इलाकों में भी सेब की फसल कम हुई है। ओले गिरने से फसल को काफी नुकसान हुआ है। जो किसान पहले 1,000 से 1,200 पेटी सेब तैयार करते थे, इस बार उनकी पैदावार घटकर 300 से 400 पेटी रह गई।

फसल कम हुई है, लेकिन खाद, दवा, मजदूरी और पेटियों के दाम बढ़ने से किसानों का खर्च बढ़ गया है। कम सेब होने से कई किसानों के लिए बाग का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। हिमाचल में करीब 2.5 लाख परिवार सेब की खेती करते हैं।

सेब की खरीद और बागवानी को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

सरकारी खरीद घटी: MIS के तहत अब तक 10,462 मीट्रिक टन सेब खरीदा गया। पिछले साल यह 76,674 मीट्रिक टन था।

छोटे सेब से दिक्कत: सेब का साइज छोटा होने से खरीद प्रभावित हुई। HPMC को जूस और दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए कच्चा माल भी कम मिल रहा है।

बीमा की सलाह: विभाग किसानों को मौसम आधारित बीमा योजना लेने की सलाह दे रहा है। इससे ओलावृष्टि और खराब मौसम से हुए नुकसान में मदद मिल सकती है।

नई तकनीक पर जोर: पुराने बागों की जगह हाई-डेंसिटी पौधे लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। करसोग में 1 से 1.5 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं।

क्या बढ़ेगी सेब की खरीद कीमत?

राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस साल सेब की फसल काफी कम है। पिछले साल करीब 3.49 करोड़ बक्से बाजार में आए थे। लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता कि प्रोडक्शन 2 करोड़ बक्से तक पहुंचेगा।

सरकार अब MIS के तहत सेब का दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही है। किसानों को राहत देने के लिए यह प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

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