ATF Price Hike: आज यानी 1 नवंबर से एविएशन फ्यूल यानी विमानों के ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर दिवाली-छठ पर घर जाने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। रविवार (1 नवंबर) से एटीएफ की कीमत में 1.37 रुपये प्रति लीटर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम कंपनियों के मुताबिक, दिल्ली में एटीएफ की कीमत 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विमान ईंधन कीमतों में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले एक अक्टूबर को एटीएफ की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की गई थी। वहीं, सितंबर में 6.28 रुपये और अगस्त में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।
यूपी-बिहार का हवाई सफर होगा और महंगा
विमान ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से एयरलाइन कंपनियों की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ेगा। एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में एटीएफ का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत बैठता है। ऐसे में एटीएफ महंगा होने से एयरलाइन कंपनियों के खर्च में और इजाफा होने की आशंका है। एक अधिकारी ने कहा, "ATF महंगा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ सकती है, जिसका असर हवाई टिकटों की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।
त्योहारों के दौरान पहले से ही दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों से पटना, दरभंगा, गया, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जाने वाली उड़ानों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और त्योहारी सीजन की भारी मांग के चलते यूपी-बिहार के यात्रियों का घर पहुंचने का बजट बिगड़ सकता है। हालांकि, एयरलाइंस टिकटों के दाम बढ़ाएंगी या नहीं, यह उनके किराया निर्धारण और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
आज से बाहर खाना-पीना भी हुआ महंगा
इसी तरह, होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी 10 रुपये बढ़ाकर 2,820 रुपये कर दी गई है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले एक अक्टूबर को इसकी कीमत में 62.50 रुपये का इजाफा किया गया था। सितंबर में भी सिलेंडर 9.50 रुपये महंगा हुआ था। हालांकि, इससे पहले जुलाई और अगस्त में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में क्रमशः 183.50 रुपये और 192 रुपये की कटौती की गई थी।
जून में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में तेजी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण कमर्शियल एलपीजी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। फरवरी से जून के बीच 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में कुल 1,373 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान कीमत 1,740.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई थी।
पहली तारीख को जारी होती है नई कीमत
पेट्रोलियम कंपनियां एटीएफ और एलपीजी की कीमतों की हर महीने की पहली तारीख को समीक्षा करती हैं। इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में संबंधित उत्पादों के बेंचमार्क भाव और रुपये-डॉलर की दर के आधार पर तय होती हैं। राज्यों में स्थानीय टैक्स विशेषकर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के कारण कीमतों में अंतर भी रहता है। दूसरी ओर, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर बनी हुई है। फिलहाल, पेट्रोल और डीजल के दाम में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।