अयोध्या रामलला के दर्शन हुए और आसान! नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, जानें नए पास और बुकिंग की पूरी डिटेल

अयोध्या राम मंदिर में अब रोजाना 2,000 सुगम दर्शन पास मिलेंगे। श्रद्धालु 90 दिन पहले तक मुफ्त पास बुक कर सकेंगे। दलालों को रोकने के लिए सुरक्षा जांच और शिकायत की व्यवस्था भी की गई है।

अपडेटेड Oct 19, 2026 पर 4:15 PM
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अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। सुगम दर्शन पास की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ऑनलाइन पास की संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी है। जरूरत और बुकिंग की मांग को देखते हुए आगे यह संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

पहले श्रद्धालु दर्शन की तारीख से 15 दिन पहले तक ही सुगम दर्शन पास बुक कर सकते थे, लेकिन अब 90 दिन पहले तक बुकिंग कर सकेंगे। इससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को ट्रेन की टिकट, रहने की जगह और यात्रा की तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलेगा। नई व्यवस्था में पास आठ चरणों में जारी होंगे:

• पहला चरण: दर्शन से 90 दिन पहले

• दूसरा चरण: 62 दिन पहले


• तीसरा चरण: 30 दिन पहले

• चौथा चरण: 14 दिन पहले

• पांचवां चरण: 7 दिन पहले

• छठा चरण: 3 दिन पहले

• सातवां चरण: 1 दिन पहले

• आठवां चरण: दर्शन वाले दिन तत्काल पास

इससे पहले से यात्रा की योजना बनाने वालों के साथ अचानक अयोध्या आने का फैसला करने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी।

ट्रस्ट ऑनलाइन बुकिंग में गड़बड़ी और बॉट के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए जांच की नई व्यवस्था ला रहा है। अब आवेदन करने के बाद पास तुरंत कन्फर्म नहीं होगा। आमतौर पर 24 से 48 घंटे में मंजूरी की जानकारी दी जाएगी। दर्शन वाले दिन मिलने वाले तत्काल पास तुरंत कन्फर्म हो जाएंगे।

पास के लिए पैसे मांगने वालों की यहां कर सकेंगे शिकायत

ट्रस्ट ने साफ किया है कि सुगम दर्शन पास पूरी तरह मुफ्त हैं। अगर कोई पास दिलाने के बदले पैसे मांगता है, तो श्रद्धालु इन माध्यमों से शिकायत कर सकते हैं।

• हेल्पलाइन नंबर: 80095 22111

• ईमेल: report@srjbtk.org

• आधिकारिक बुकिंग पोर्टल: online.srjbtkshetra.org

ट्रस्ट बुकिंग में गड़बड़ी और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सॉफ्टवेयर में भी बदलाव कर रहा है।

कब से लागू होंगे नए नियम?

रोज ऑनलाइन पास की संख्या बढ़ाकर 2,000 करने का फैसला लागू हो चुका है। वहीं, आठ चरणों में पास जारी करने, वेरिफिकेशन और सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने का काम तकनीकी जांच के बाद धीरे-धीरे पूरा किया जाएगा।

ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि ने CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा, IT विभाग और ट्रस्ट के सदस्यों से चर्चा के बाद इन बदलावों को मंजूरी दी। उन्होंने CEO को नई व्यवस्था लागू करने और उस पर नजर रखने की जिम्मेदारी भी दी है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी बात: सुगम दर्शन पास के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें। पास के नाम पर किसी को पैसे न दें। इस नई व्यवस्था से श्रद्धालु आसानी से सुगम दर्शन पास बुक कर सकेंगे। ट्रस्ट का मकसद श्रद्धालुओं को बिना किसी सिफारिश या बिचौलिए के आसानी से पास उपलब्ध कराना है। इससे फर्जी बुकिंग और गड़बड़ी रोकने में मदद मिलेगी।

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