Bank 5-Day Work: 'हमने कभी हां नहीं कहा..', 5-डे वर्किंग पर वित्त मंत्रालय ने दे दिया बड़ा झटका!
Bank 5 Day Working: 28 सितंबर से शुरू होने वाली 3-दिवसीय बैंक हड़ताल से ठीक पहले वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बड़ा खुलासा किया है। सरकार का कहना है कि उन्होंने बैंकों में 5-डे वर्कवीक लागू करने पर कभी सहमति नहीं जताई थी और यह वेतन वार्ता का हिस्सा ही नहीं था। यूनियनों के दावों और PLI स्कीम के विवाद के बीच होने वाले 3 दिनों के हड़ताल की पूरी डिटेल जानिए
अब तक कहा जा रहा था कि मार्च 2024 के वेतन समझौते के तहत सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बन चुकी थी
Bank Strike vs Finance Ministry: देश भर के बैंक कर्मचारियों द्वारा 28 सितंबर से शुरू होने वाली 3-दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से ठीक पहले वित्त मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्रालय के सूत्रों ने साफ कर दिया है कि सरकार ने बैंकों में 5-डे वर्कवीक यानी हफ्ते में 5 दिन काम करने के प्रस्ताव पर कभी सहमति नहीं जताई थी।
वित्त मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण ने बैंक यूनियनों के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि मार्च 2024 के वेतन समझौते के तहत सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बन चुकी थी।
आइए आपको बताते हैं कि वित्त मंत्रालय ने क्या कहा है, यूनियनों का क्या दावा है और 28 सितंबर से शुरू हो रही हड़ताल के बीच आम ग्राहकों के लिए सरकार ने क्या वैकल्पिक इंतजाम किए हैं:
वित्त मंत्रालय का रुख: 'यह वार्ता का हिस्सा ही नहीं था'
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ सूत्र ने स्पष्ट किया कि 5-डे वर्किंग का मुद्दा वेतन निपटान वार्ताओं का हिस्सा कभी था ही नहीं। मंत्रालय के सूत्र ने कहा, 'हमने बैंकों के लिए 5 दिन काम करने की व्यवस्था पर कभी कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। यह बातचीत का जरिया नहीं था। दोनों पक्षों के बीच इस पर कोई समझौता या चर्चा नहीं हुई थी।'
मंत्रालय के अनुसार, शनिवार की छुट्टी की यह मांग पूरी तरह से बैंक यूनियनों द्वारा एकतरफा उठाई गई थी, जिस पर सरकार या प्रबंधन ने कोई सहमति नहीं दी थी।
बैंक यूनियनों का क्या है दावा?
वित्त मंत्रालय के इस बयान ने ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) समेत अन्य यूनियनों के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। AIBOC के महासचिव रूपम रॉय ने पहले दावा किया था कि मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी।
आपको बता दें कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) बैंकों का प्रबंधन-संचालित निकाय है जो वेतन और सेवा शर्तों पर चर्चा करता है। वहीं, UFBU बैंकिंग क्षेत्र के 9 प्रमुख कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का एक साझा मंच है।
सिर्फ 5-डे वीक नहीं... PLI स्कीम पर भी मचा है घमासान
5-डे वर्किंग के अलावा, बैंक कर्मचारियों और सरकार के बीच परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को लेकर भी भारी असंतोष है। वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने 19 नवंबर 2024 को वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए एक संशोधित PLI योजना अधिसूचित की थी।
यह योजना केवल स्केल IV और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लागू की गई थी, जिसमें परफॉर्मेंस के आधार पर 365 दिनों के मूल वेतन तक का इंसेंटिव देने का प्रावधान था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 8 सितंबर को कर्मचारी प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए इस योजना को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि यूनियनों की मुख्य प्राथमिकता 5-डे वर्किंग ही बनी हुई है।
28 सितंबर से 3-दिवसीय हड़ताल पर अड़े कर्मचारी
बैंकिंग क्षेत्र के 90% से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 7 बड़े यूनियनों (AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC) ने साफ कर दिया है कि वे 28 सितंबर से प्रस्तावित अपनी 3-दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर कायम हैं।यूनियनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार 5-डे वर्किंग लागू करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय नहीं करती, तब तक वे अपना आंदोलन वापस नहीं लेंगे।
रविवार, 27 सितंबर को खुलेंगे बैंक
28 से 30 सितंबर तक होने वाली हड़ताल और 26 सितंबर के चौथे शनिवार के कारण लगातार पड़ने वाली छुट्टियों से आम जनता को बचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को निर्देश दिया है कि वे रविवार, 27 सितंबर 2026 को अपनी शाखाएं खुली रखें। हड़ताल से पहले आम ग्राहकों को नकद निकासी, चेक क्लीयरेंस और अन्य जरूरी वित्तीय कामों को पूरा करने में कोई असुविधा न हो।
वित्त मंत्रालय के सख्त रुख और बैंक यूनियनों की अड़चन के कारण आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। अगर आपका कोई भी बैंकिंग काम पेंडिंग है, तो 26 सितंबर के चौथे शनिवार और 28-30 सितंबर की हड़ताल का इंतजार न करें। सरकार के आदेशानुसार 27 सितंबर (रविवार) को खुलने वाले बैंकों का लाभ उठाएं या डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लें।