बेंगलुरु: एक मां ने अपने कर्ज चुकाने के आखिरी दिन को अपने बेटे के लिए एक सबक के रूप में बदल दिया। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु की रहने वाली 37 साल की कंसल्टेंट अर्पिता राव ने अपना 43 लाख रुपये का MBA लोन केवल 8 साल में पूरा चुका दिया है। सबसे खास बात यह है कि लोन की आखिरी किस्त जमा करने जब वह बैंक गईं तो अपनी गोद में 3 साल के बेटे को भी साथ ले गईं। वह चाहती थीं कि बेटा बचपन से ही समझे कि पैसा कैसे कमाया जाता है और अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने का क्या मतलब होता है।
बेटे को दिखाना चाहती थीं मेहनत की असली कीमत
अर्पिता कहती हैं कि वह चाहती थीं कि उनका बेटा अपनी आंखों से देखे कि मेहनत क्या होती है। पैसा पेड़ पर नहीं उगता, उसे कमाने के लिए सालों मेहनत करनी पड़ती है। भले ही 3 साल का बच्चा लोन का मतलब न समझे, लेकिन वह चाहती थीं कि यह दिन उसकी यादों में एक सीख बनकर रहे।
पढ़ाई के लिए लेना पड़ा था बड़ा कर्ज
अर्पिता ने अपने MBA के लिए बैंक से 43 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। एक बड़ी नौकरी, घर के खर्चे और बच्चे की जिम्मेदारी के साथ हर महीने की किस्त भरना आसान नहीं था। 8 साल की लंबी मेहनत के बाद आखिरकार उन्होंने खुद को इस कर्ज से आजाद कर लिया।
बेटे को सिखाया - पैसा कमाना ही नहीं, संभालना भी जरूरी है
जब अर्पिता ने इस पल की फोटो शेयर की तो लोगों ने उन्हें खूब सराहा। कई यूजर्स ने लिखा कि यह सिर्फ लोन चुकाना नहीं है, बल्कि अपने बच्चे को पैसों की इज्जत करना सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है। यह कहानी बताती है कि कर्ज को बोझ नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह पूरा करना भी एक बड़ी कामयाबी है।
अर्पिता की ये कहानी सिर्फ 43 लाख के लोन के खत्म होने की नहीं है, बल्कि एक मां की सोच की है, जिसने लोन की आखिरी किस्त को सिर्फ एक रसीद नहीं, बल्कि अपने बेटे के लिए जिंदगी का पहला सबक बना दिया। क्योंकि सपने कर्ज लेकर भी पूरे किए जा सकते हैं, बस उन्हें मेहनत से चुकाने का जज्बा होना चाहिए।