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बिहार के स्टार्टअप ने बनाई पानी से आर्सेनिक हटाने वाली वाली किफायती मशीन

इस मशीन को नवमार्ग ने तैयार किया है। नवमार्ग की शुरुआत 2018 में शुरू हुई थी। इस मशीन के जरिए वाटर ट्रीटमेंट की कॉस्ट बहुत कम आती है। एक अनुमान के मुताबिक, लागत सिर्फ 8 रुपये प्रति 1,000 लीटर तक आती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 02, 2026 पर 1:50 PM
बिहार के स्टार्टअप ने बनाई पानी से आर्सेनिक हटाने वाली वाली किफायती मशीन
परीक्षण में सफल रहने के बाद इस मशीन का इस्तेमाल कई जगहों पर हो रहा है।

बिहार के एक स्टार्टअप ने पानी से आर्सेनिक अलग करने वाली मशीन बनाई है। परीक्षण में सफल रहने के बाद इस मशीन का इस्तेमाल कई जगहों पर हो रहा है। पटना और आसपास के गंगा के मैदानी इलाकों के भूजल में आर्सेनिक होता है। आर्सेनिक वाला पानी पीने से कई तरह की समस्याएं होती हैं।

छोटी शुरुआत से मिली बड़ी सफलता

इस मशीन को नवमार्ग ने तैयार किया है। नवमार्ग की शुरुआत 2018 में शुरू हुई थी। तब पटना के बिहार बाल भवन किलकारी के छात्रों ने आर्सेनिक प्रदूषण को समझने और उसका समाधान निकालने की कोशिश शुरू की थी। 2019 में इस मशीन के पहले प्रोटोटाइप को सीएसआईआर-आईआईसीटी में प्रदर्शित किया गया। स्टार्टअप की शुरुआत अर्पित कुमार, अभिजीत कुमार, शांभवी सिन्हा और अक्षत आदर्श ने की थी।

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