पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में घमासान, प्रदेश अध्यक्ष वडिंग के इस्तीफे से उठे सवाल, अब किसे मिलेगी कमान?

Clash in Punjab Congress: कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने के अपने फैसले से अवगत करा दिया है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिंगला को एक जुलाई को पार्टी के चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 10:09 AM
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Clash in Punjab Congress: विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला इस पद के लिए सबसे आगे बताए जा रहे हैं

Clash in Punjab Congress: कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रदेश इकाई में कई सप्ताह से जारी अंदरूनी कलह के बीच बुधवार (30 सितंबर) को अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। सूत्रों ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला इस पद के लिए सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को पद से हटाने के अपने फैसले से अवगत करा दिया है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिंगला को एक जुलाई को पार्टी के चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

सिंगला के अलावा पूर्व ओलंपियन एवं जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा के. पी. सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

गुटबाजी के बाद वारिंग को हटना पड़ा


अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने यह कदम पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों के साथ महीनों से चल रहे मतभेदों के बाद उठाया है। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य के नए प्रमुख की नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा की थी।

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ऐसे नेता को नियुक्त करना चाहती है जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले वारिंग और चन्नी गुटों को एक साथ ला सके। पंजाब कांग्रेस गुटबाज़ी से जूझ रही है। यह स्थिति तब से बनी हुई है जब पार्टी ने 1 जुलाई को वारिंग को राज्य प्रमुख बनाए रखने और चन्नी को अपनी चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया था।

सिंगला सबसे आगे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व मंत्री सिंगला को 1 जुलाई को पार्टी की चुनाव मैनेजमेंट और समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सिंगला के अलावा, इस पद के लिए पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा केपी सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नामों पर भी चर्चा हो रही है। पार्टी ने पहले राज्य इकाई के भीतर मतभेदों को दूर करने के प्रयास में वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल को पंजाब भेजा था। लेकिन पार्टी कार्यक्रमों में विरोधी गुटों के बीच तनाव सामने आता रहा।

कांग्रेस के सामने चुनावी चुनौती

2027 के पंजाब चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए गुटबाजी एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है। पार्टी के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' कैंपेन के दौरान चन्नी के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। वहीं कुछ बैठकों में चन्नी और वडिंग के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें भी आईं। पंजाब कांग्रेस को पहले भी ऐसी ही अंदरूनी गुटबाजी का सामना करना पड़ा है। 2021 में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक चले विवाद के बाद पार्टी ने अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था। बाद में चन्नी को इस पद पर नियुक्त किया गया था।

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