आज किसानों के लिए राहत भरी खबर है। दरअसल, सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9,18,091 किसानों के खाते में 483 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भेजेंगे। यह पैसा कृषि निवेश अनुदान के रूप में DBT के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए आज गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में एक कार्यक्रम आयोजित होगा। बाढ़, आंधी और बारिश से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों को इससे आर्थिक मदद मिलेगी।
बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में प्रदेश में भारी बारिश, ओलावृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान सितंबर के आखिरी सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात से हुआ। राहत आयुक्त के मुताबिक, इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर तक 9,18,091 किसानों की फसलें खराब होने की पुष्टि हुई है। जिसको देखते हुए सरकार अब इन किसानों को राहत देने के लिए 493 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दे रही है। बाढ़ खत्म होते ही योगी सरकार ने फसल नुकसान की भरपाई के लिए कृषि निवेश अनुदान जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राहत आयुक्त डॉ. हरिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक, बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के शुरुआती आकलन के आधार पर जिलों को 169 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान जारी किया जा चुका है। अब तक 1,29,326 किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए 78.75 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और पशु व मकान क्षति से प्रभावित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
किसानों के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
वहीं, सीएम योगी ने सितंबर-अक्टूबर में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अतिवृष्टि से कई स्थानों पर किसानों के खेतों और निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ों के उखड़ने और गिरने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने किसानों की ओर से दिए जाने वाले आवेदनों पर वन विभाग और उत्तर प्रदेश वन निगम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो, ताकि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त कर सकें।
लकड़ी के परिवहन में न हो समस्या
मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत पहुंचाने और गिरे हुए पेड़ों को जल्द हटाने के लिए सभी जिलाधिकारियों, डीएफओ और उत्तर प्रदेश वन निगम को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पेड़ों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ट्रांजिट परमिट प्राथमिकता से जारी किए जाएं। परमिट की प्रक्रिया वन नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी, ताकि किसानों को अपने खेतों में गिरे पेड़ों की लकड़ी हटाने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
आंधी-तूफान में गिरे पेड़ जल्द हटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि आंधी-तूफान में सड़कों पर गिरे पेड़ों को जल्द हटाया जाए, ताकि यातायात सामान्य रहे और लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो। इसके लिए जिलाधिकारी और डीएफओ को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और मिलकर काम करने को कहा गया है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पेड़ों की लकड़ी हटाने की प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की मानसिक या आर्थिक परेशानी न झेलनी पड़े।
गिरे पेड़ों के निस्तारण में पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गिरे हुए पेड़ों को हटाने और उनकी लकड़ी के निस्तारण का काम वन नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने के लिए जरूरी कदम उठाएगी।