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1997 में कॉर्बेट आई थी सोनाकली, 21 साल तक रानी बनकर रही और अब कहा अलविदा! 80 साल की हथिनी को अंतिम विदाई में मिला गार्ड ऑफ ऑनर

रामनगर के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की करीब 80 साल की हथिनी सोनाकली का उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण निधन हो गया। सोनाकली ने कई सालों तक वन्यजीव संरक्षण और बाघों को बचाने के अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी। वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Oct 19, 2026 पर 7:07 PM
1997 में कॉर्बेट आई थी सोनाकली, 21 साल तक रानी बनकर रही और अब कहा अलविदा! 80 साल की हथिनी को अंतिम विदाई में मिला गार्ड ऑफ ऑनर
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने सोनाकली की मौत को रिजर्व के लिए बड़ी क्षति बताया

रामनगर के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की करीब 80 साल की हथिनी सोनाकली का निधन हो गया। सोनाकली ने शनिवार रात इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। सोनाकली का उम्र से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त थी। वहीं इलाज कै दौरान उसकी मौत हुई। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। सोनाकली कई सालों तक वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू अभियानों का हिस्सा रही थी। उनके निधन के बाद रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान उन्हें सेरेमोनियल सैल्यूट भी दिया गया।

कई अभियानों में निभाई मुख्य भुमिका

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने सोनाकली की मौत को रिजर्व के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सोनाकली ने कई बाघों को बचाने के अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी। सोनाकली की उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से साल 2018 में रिटायर कर दिया गया था।

कब लाया गया था टाइगर रिजर्व

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